ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। दोनों नेताओं के बीच हाल ही में हुई लंबी फोन बातचीत में ईरान पर आगे की रणनीति को लेकर तीखी बहस हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप के युद्ध रोकने और कूटनीति को मौका देने के फैसले से नेतन्याहू बेहद नाराज हैं।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच नहीं बन रही सहमति
एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और नेतन्याहू ईरान के खिलाफ अगले कदम पर एकमत नहीं हैं। नेतन्याहू चाहते हैं कि ईरान पर सैन्य दबाव जारी रखा जाए और हमले दोबारा शुरू हों, जबकि ट्रंप फिलहाल संघर्ष रोककर बातचीत और समझौते के रास्ते को प्राथमिकता दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच फोन कॉल एक घंटे से ज्यादा चली और बातचीत के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
ट्रंप ने युद्ध रोकने का दिया संकेत
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने नेतन्याहू को साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर नए हमलों को रोक रहा है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और कतर जैसे देश मध्यस्थता में जुटे हैं और एक “लेटर ऑफ इंटेंट” तैयार किया जा रहा है, जिस पर अमेरिका और ईरान हस्ताक्षर कर सकते हैं। इसके बाद 30 दिनों के संभावित सीजफायर की योजना पर काम किया जाएगा। इस दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
नेतन्याहू ने जताई नाराजगी
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू ट्रंप के इस रुख से बेहद नाराज हैं। उन्होंने कथित तौर पर ट्रंप से कहा कि हमलों को रोकना “बहुत बड़ी भूल” साबित हो सकता है। इजरायल का मानना है कि युद्धविराम से ईरान को अपनी सैन्य ताकत फिर से मजबूत करने का मौका मिल जाएगा। सूत्रों के अनुसार, फोन कॉल के बाद नेतन्याहू काफी गुस्से में नजर आए। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “कॉल खत्म होने के बाद बीबी (नेतन्याहू) बेहद नाराज थे।”
आमने-सामने मुलाकात की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालात को देखते हुए नेतन्याहू आने वाले हफ्तों में अमेरिका दौरे की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि वह ट्रंप से आमने-सामने बातचीत कर ईरान नीति पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। वॉशिंगटन में इजरायल के राजदूत ने भी अमेरिकी सांसदों को इस तनावपूर्ण बातचीत की जानकारी दी है।
ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कही थी बड़ी बात
दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में ट्रंप ने सार्वजनिक मंच से कहा था कि नेतन्याहू वही करेंगे जो वह चाहेंगे। कोस्ट गार्ड एकेडमी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा था, “बीबी वही करेंगे जो मैं उनसे करने को कहूंगा। हमारे रिश्ते बहुत अच्छे हैं।” उन्होंने यह भी कहा था कि अब सवाल यह है कि क्या जंग पूरी तरह खत्म की जाए या ईरान किसी समझौते पर हस्ताक्षर करे।
खाड़ी देशों की पहल और नया शांति मसौदा
बताया जा रहा है कि सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे खाड़ी देशों के अनुरोध के बाद ट्रंप ने ईरान पर नए हमलों की योजना फिलहाल टाल दी है। इस बीच पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र ने मिलकर एक नया शांति प्रस्ताव तैयार किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, उनके “14-सूत्रीय प्रस्ताव” पर भी बातचीत जारी है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के गृह मंत्री इशाक डार इस समय तेहरान में मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे हुए हैं।
पश्चिम एशिया की राजनीति पर सबकी नजर
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच बढ़ते मतभेदों ने पश्चिम एशिया की राजनीति को और संवेदनशील बना दिया है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीति से तनाव कम होगा या क्षेत्र एक बार फिर बड़े सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ेगा।