कोलकाता, 21 मई। तृणमूल कांग्रेस के विधायक जावेद खान ने गुरुवार को अलीपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों की घोषणा के दिन तिलजला में हुई हिंसा के संबंध में की गई थी। इस मामले में जावेद खान के साथ 10 अन्य व्यक्तियों का भी नाम एफआईआर में शामिल किया गया था, और सूत्रों के अनुसार, उन्होंने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
पुलिस के अनुसार, 4 मई को चुनाव परिणामों के बाद तिलजला में तनाव फैल गया था, जो कि जावेद खान के विधानसभा क्षेत्र, कस्बा के तहत आता है। इसके बाद, उनके और अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिनमें से बाकी सभी पहले ही अदालत में आत्मसमर्पण कर चुके हैं और वर्तमान में जमानत पर हैं।
जावेद खान ने गुरुवार को कोलकाता के अलीपुर में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होकर एक निजी मुचलके पर जमानत प्राप्त की।
इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस की सांसद माला रॉय ने भी आर्म्स एक्ट के अंतर्गत दर्ज एक मामले में न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उनके खिलाफ और उनके बेटे निर्बान रॉय के खिलाफ ये आरोप लगाए गए थे।
माला रॉय ने अदालत में आत्मसमर्पण करते हुए जमानत के लिए आवेदन किया, जिसे अदालत ने 1,500 रुपए के मुचलके पर मंजूर कर लिया। आरोप था कि विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के दिन माला रॉय ने हथियार दिखाकर भाजपा कार्यकर्ताओं को डराया था। हालांकि, माला रॉय ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है।
चुनाव परिणामों के बाद पुलिस ने असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ भी कानून के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।