हैदराबाद, 21 मई। गुरुवार को तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले के कालेश्वरम में धार्मिक उत्सव सरस्वती अंत्य पुष्करलु की शुरुआत कांची मठ के पुजारी शंकर विजयेंद्र द्वारा पहले पवित्र स्नान के साथ हुई। आयोजकों को उम्मीद है कि इस 12 दिवसीय समारोह में लगभग 20 से 30 लाख श्रद्धालु शामिल होंगे, जो कि तेलंगाना में पहली बार हो रहा है।
सरस्वती नदी को एक गुप्त भूमिगत धारा माना जाता है, जो कालेश्वरम में गोदावरी और प्राणहिता नदियों से मिलती है, जिससे वहां एक पवित्र त्रिवेणी संगम बनता है। भारत में ऐसी केवल दो स्थान हैं, जिनमें से एक प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) है, जहां यह संगम देखने को मिलता है।
कहा जाता है कि त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने से व्यक्ति के पाप समाप्त हो जाते हैं और वह जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो सकता है।
इस पवित्र स्नान में विधायक गंद्रा सत्यनारायण राव, मालरेड्डी रंगारेड्डी, बंदोबस्ती विभाग के आयुक्त हनुमंत राव, जिला कलेक्टर राहुल शर्मा, धार्मिक सलाहकार गोविंदा हरि और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
तेलंगाना और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान कर रहे हैं।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए हैं। सुरक्षा, सफाई, पीने का पानी, चिकित्सा सेवाएँ, परिवहन और अन्य सुविधाएँ पूरी तरह से उपलब्ध करवाई गई हैं।
जिला कलेक्टर राहुल शर्मा ने कहा कि सभी विभाग एकजुट होकर इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि श्रद्धालु इस शुभ अवसर पर आराम और सुरक्षा से पुष्कर स्नान कर सकें।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सरस्वती अंत्य पुष्करलु को श्रद्धा और धूमधाम से मनाने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि तेलंगाना सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए 21 मई से 1 जून तक व्यापक व्यवस्था की है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि श्रद्धालुओं को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े और यातायात नियंत्रण इस तरह से किया जाए कि श्रद्धालुओं की आवाजाही में कोई अड़चन न आए।
तेज गर्मी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं से अपना स्वास्थ्य ध्यान रखने और आवश्यक सावधानियाँ बरतने की अपील की।