जम्मू, 22 मई। पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संभावित समझौते की खबरों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई ऐतिहासिक समझौता होता है, तो यह न केवल अमेरिका और ईरान के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक सकारात्मक विकास होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पूरी दुनिया, विशेषकर इस क्षेत्र की जनता, ईंधन और गैस की किल्लत की समस्या का सामना कर रही है। वैद ने कहा कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता हो जाता है, तो इससे तेल और गैस की आपूर्ति में सुधार होगा और महंगाई से जूझ रहे लोगों को राहत मिलेगी।
एसपी वैद ने यह भी कहा कि वैश्विक आर्थिक दबाव के वर्तमान माहौल में ऐसे समझौते अत्यंत आवश्यक हैं। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका की तरफ से आए विरोधाभासी बयानों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कभी-कभी बातचीत और समझौते का जिक्र होता है, जबकि दूसरी ओर किसी देश की सभ्यता को खत्म करने की धमकी भी दी जाती है। वैद ने कहा कि एक शक्ति संपन्न देश के राष्ट्रपति के ऐसे बयानों से अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को खतरा होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि बड़े देशों के नेताओं को अपने विचारों में संतुलन बनाए रखना चाहिए, क्योंकि उनके शब्दों का पूरे संसार पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।
पूर्व डीजीपी ने पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पीओके में हत्या पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बयान दिया कि पाकिस्तान लंबे समय से कश्मीर के युवाओं को आतंकवाद की ओर धकेल रहा है। पहले कई छात्र इंजीनियरिंग और चिकित्सा की पढ़ाई के लिए पाकिस्तान जाते थे, लेकिन उनका दुरुपयोग आतंकवादी गतिविधियों में किया गया। वैद ने यह स्पष्ट किया कि हमजा बुरहान भी इसी राह पर चला गया और आतंकवाद में लिप्त हो गया।
उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ काम करने वाले ऐसे तत्वों का समाप्त होना देश के लिए एक सकारात्मक संकेत है। चाहे जिसने भी हमजा बुरहान को मारा हो, लेकिन एक ऐसा व्यक्ति जो भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था, अब समाप्त हो गया है। संभावना है कि आईएसआई ने उसे खत्म किया हो क्योंकि उसकी उपयोगिता खत्म हो गई थी। लेकिन भारत के लिए यह अच्छी बात है कि एक आतंकवादी कम हुआ है।
गृह मंत्री द्वारा आधुनिक सीमा सुरक्षा के बारे में दी गई टिप्पणी पर भी एसपी वैद ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि आज का विश्व पूरी तरह से बदल चुका है। 1965 और 1971 के युद्धों की तुलना में अब युद्ध की विधि पूरी तरह तकनीकी हो गई है। वैद ने कहा कि आज ड्रोन, मिसाइल, साइबर तकनीक और उपग्रह युद्ध का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।
वे कहते हैं कि रूस-यूक्रेन संघर्ष और मध्य पूर्व के टकराव में पूरी दुनिया देख रही है कि कैसे ड्रोन और मिसाइलों का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बड़े पैमाने पर सैनिकों को भेजने के बजाय तकनीक के माध्यम से युद्ध लड़ा जा रहा है। उनके अनुसार, भविष्य की सुरक्षा और युद्ध की रणनीति पूरी तरह से आधुनिक तकनीक पर निर्भर होगी और भारत को भी इसी दिशा में निरंतर मजबूत बनना होगा।