पटना, 23 मई। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जनता को भविष्य में गंभीर महंगाई का सामना करना पड़ेगा।
तेजस्वी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने एक बार फिर सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की दरों में इजाफा किया है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों में एनडीए सरकार ने तेल की कीमतों में करीब 5 रुपये की बढ़ोतरी की है, यानी प्रतिदिन 50 पैसे। उनका मानना है कि और भी बढ़ोतरी संभव है। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "जब कच्चा तेल सस्ता था, तब भी जनता की जेब से पैसे निकाल कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया जा रहा था, और अब भी यही हो रहा है। 2014 में कच्चे तेल का जो दाम था, अब वह उससे भी कम है, लेकिन पेट्रोल और डीजल की कीमतें दोगुनी हो गई हैं।"
उन्होंने यह भी चेताया कि आने वाले समय में आम जनता को महंगाई का सामना करना पड़ेगा, निजी क्षेत्र में नौकरी की संभावनाएं कम होंगी, प्रवासी श्रमिक वापस लौटेंगे, लघु उद्योगों में कमी आएगी और गरीबी तथा बेरोजगारी में इजाफा होगा। उन्होंने सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नफरत का व्यापार, भाषणबाजी, रील्स और एंटरटेनमेंट के लिए उन्होंने जो रास्ता चुना है, वही 'फुल इंटरटेनमेंट' मिलता रहेगा। जबकि नौकरी, गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा तथा स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से ध्यान देने के बजाय उनका ध्यान संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर होगा।
गौरतलब है कि सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की है। यह ईंधन की कीमतों में वृद्धि का तीसरा मौका है, जो पिछले 10 दिनों में हुआ है। पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। इस वृद्धि का कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दामों में उछाल और पश्चिम एशिया में चल रहे राजनीतिक तनाव को बताया गया है, जिसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है।