कोलकाता, 23 मई। बंगाली फिल्म अभिनेत्री स्वास्तिका मुखर्जी ने शनिवार को गरियाहाट पुलिस थाने में पूछताछ के लिए हाजिरी दी। उन पर और अभिनेता परमब्रत चटर्जी पर 2021 के चुनाव बाद सोशल मीडिया के जरिए दंगा भड़काने का आरोप लगाया गया है, जिसके चलते उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
हाल ही में, गरियाहाट पुलिस थाने में स्वास्तिका मुखर्जी और परमब्रत चटर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी।
शिकायतकर्ता, वकील जॉयदीप सेन ने इन दोनों कलाकारों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की थी।
इस शिकायत के बाद, पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए अभिनेत्री को समन जारी किया, जिसमें उन्हें सात दिनों के भीतर जांचकर्ताओं के सामने उपस्थित होने के लिए कहा गया। स्वास्तिका मुखर्जी ने शनिवार की दोपहर गरियाहाट पुलिस थाने में खुद को प्रस्तुत किया।
लगभग एक घंटे तक पूछताछ के बाद, वह पुलिस थाने से बाहर निकल गईं, हालांकि उन्होंने बाहर खड़े पत्रकारों से कोई बात नहीं की और अपनी कार में बैठकर चली गईं।
गौरतलब है कि 2021 में जॉयदीप सेन ने परमब्रत चटर्जी के ट्विटर (अब एक्स) पर भड़काऊ पोस्ट के खिलाफ शिकायत की थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, विधानसभा चुनाव के परिणामों की घोषणा के बाद, परमब्रत ने सोशल मीडिया पर उत्तेजक राजनीतिक टिप्पणियां की थीं, जिसका स्वास्तिका ने समर्थन किया था।
वकील जॉयदीप सेन ने कहा कि 2 मई, 2021 को जब तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल किया था, तब परमब्रत ने एक पोस्ट में लिखा था कि आज की तारीख को पिटाई का दिन घोषित किया जाना चाहिए।
स्वास्तिका ने भी इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा था: "हाहाहा, रहने दो!"
शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि ऐसी टिप्पणियां राजनीतिक हिंसा को प्रोत्साहित करती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेता और अभिनेत्री की की गई पोस्ट भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 107 के अंतर्गत अपराध मानी जा सकती हैं।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि उस समय पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले, हत्याएं, बलात्कार, आगजनी और अन्य हिंसक घटनाएं हुईं।
शिकायत में कोलकाता के बेलियाघाटा निवासी भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या का भी उल्लेख किया गया है।