नई दिल्ली, 21 मई। गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। देश के विभिन्न स्थानों पर तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। क्या आपको पता है कि सूर्य पृथ्वी से कुल 150 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है? इसके बावजूद, सूर्य पृथ्वी को ऊर्जा प्रदान करता है और इसे गर्म एवं रोशन रखता है। खगोलविद इस दूरी को एक विशेष नाम "1 एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट (1 एयू)" से जानते हैं।
1 एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट केवल एक दूरी की माप नहीं है, बल्कि यह पूरे सौर मंडल की माप का आधार भी है। उदाहरण के लिए, मंगल 1.5 एयू की दूरी पर है, जबकि बृहस्पति 5.2 एयू की दूरी पर स्थित है। खगोलज्ञ इसी यूनिट का उपयोग करके ग्रहों, सितारों और आकाशगंगाओं के बीच की दूरी को समझ पाते हैं।
कनाडाई स्पेस एजेंसी के अनुसार, 1 एयू सूर्य और पृथ्वी के मध्य की औसत दूरी को दर्शाता है, जो 149.6 मिलियन किलोमीटर है। इसे सरलता से समझें, अगर आप बिना रुके कार चलाते रहें तो पृथ्वी का 3,750 चक्कर लगाना होगा। ब्रह्मांड में सबसे तेज गति वाली वस्तु, प्रकाश को भी इस दूरी को तय करने में 8 मिनट और 20 सेकंड लगते हैं। यही वजह है कि हम सूर्य की रोशनी और गर्मी को तुरंत महसूस करते हैं, जबकि वास्तव में यह रोशनी हमें 8 मिनट 20 सेकंड पहले छोड़ी गई होती है।
यह दूरी इतनी अधिक है कि यदि हम आज सूर्य की दिशा में सीधे कार चलाएं, तो पहुंचने में लगभग 177 साल लगेंगे। इतनी दूर होने के बावजूद, सूर्य पृथ्वी पर जीवन का अभिन्न हिस्सा है। यह न केवल प्रकाश और ऊर्जा प्रदान करता है, बल्कि मौसम, जल चक्र और पौधों की वृद्धि को भी प्रभावित करता है।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA का "पोलारिमीटर टू यूनिफाई द कोरोना एंड हेलिओस्फियर" मिशन सूर्य और उसके प्रभावों का गहरा अध्ययन करने के लिए काम कर रहा है। इस मिशन में चार छोटे उपग्रह हैं, जिनका आकार एक सूटकेस के समान है, और ये वर्तमान में पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा कर रहे हैं। इस मिशन का मुख्य लक्ष्य सूर्य के कोरोना, यानी उसके बाहरी वायुमंडल और सोलर वॉइंड का विश्लेषण करना है।
वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सौर हवा कहां से निकलती है और यह पूरे सौर मंडल में कैसे फैलती है। यह जानकारी भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों और पृथ्वी पर होने वाले सौर तूफानों की भविष्यवाणी में अत्यधिक महत्वपूर्ण है।