धूप से आते ही पानी पीना पड़ सकता है भारी! जानिए क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स

धूप से आते ही पानी पीना पड़ सकता है भारी! जानिए क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स

नई दिल्ली, 23 मई। गर्मियों में लू, तपन और तेज धूप से बचने के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आवश्यक होता है। हालांकि, यदि पानी पीने की आदतें गलत हैं तो ये स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं, जो गंभीर हो सकती हैं। इस स्थिति में, स्वास्थ्य विशेषज्ञ धूप से लौटने के तुरंत बाद पानी पीने से जुड़ी सामान्य गलतियों की चेतावनी देते हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती हैं।

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने बताया है कि धूप से लौटने पर तुरंत पानी पीने की आदतें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकती हैं। गर्मियों में जब लोग बाहर से घर लौटते हैं, तो अक्सर वे ठंडा या बर्फ वाला पानी पीने की गलती कर बैठते हैं।

एनएचएम के मुताबिक, यह आदत शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है। जब शरीर अत्यधिक गर्म होता है और फिर अचानक ठंडा पानी पी लिया जाता है, तो इससे शरीर का तापमान अचानक बदल सकता है, जिससे पाचन तंत्र, गले और अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए धूप से लौटने के बाद पानी पीने के सही ढंग पर ध्यान देना आवश्यक है।

गर्मी के मौसम में शरीर से लगातार पानी की कमी होती है। सही तरीके से पानी पीने से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और अन्य गर्मी से संबंधित बीमारियों से रक्षा की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पूरे दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना ज़रूरी है, लेकिन सही समय और तरीके से।

तुरंत पानी न पीएं: शरीर को बाहर आने के बाद कम से कम 10-15 मिनट आराम करने दें। छायादार स्थान पर बैठकर शरीर का तापमान सामान्य होने दें।

बहुत ठंडा या बर्फ का पानी न पीएं: इस तरह का पानी पीने से गले में खराश, पेट दर्द या सर्दी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

छोटे-छोटे घूंट में पानी पीएं: एक बार में पूरा गिलास पीने के बजाय धीरे-धीरे छोटे घूंट लें।

सामान्य तापमान का पानी पीएं: यदि संभव हो, तो घड़े में रखा सामान्य पानी पीना बेहतर है।

शरीर को सामान्य होने दें: पहले पसीने को सूखने दें और फिर सामान्य सांस लेने के बाद पानी पिएं।

इसके अलावा, अन्य सावधानियों का भी पालन करें जैसे बाहर जाते समय पानी की बोतल जरूर साथ रखें। फलों का रस या नारियल पानी भी शरीर को ठंडक और ऊर्जा देता है। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि वे जल्दी डिहाइड्रेट हो सकते हैं।