सुभासपा का जवाब, अरविंद राजभर ने कहा- आलोचना से पार्टी और भी मजबूत हो रही है

सुभासपा का जवाब, अरविंद राजभर ने कहा- आलोचना से पार्टी और भी मजबूत हो रही है

लखनऊ, 24 मई। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने रविवार को कहा कि पार्टी अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने खुद को 'ऑटो वाले राजभर' के तौर पर पहचानने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के तंज और कटाक्ष से उनकी पार्टी और भी मजबूत हो रही है।

अरविंद राजभर ने समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें सपा को बधाई देनी चाहिए, क्योंकि अब सुभासपा को अपनी बात जन जागरूकता में अधिक प्रयास नहीं करने पड़ रहे हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि एक बड़ी पार्टी और राजनीतिक साम्राज्य अब सुभासपा के लिए 'पीआर एजेंसी' जैसा कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव लगातार ओम प्रकाश राजभर को निशाना बनाते हुए उनकी पार्टी को लाभ पहुँचा रहे हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने पीएम मोदी को चायवाला कहा था। इस तरह के ट्रोलिंग के चलते वे प्रधानमंत्री बन गए। अखिलेश यादव 2027 में मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं, जो असंभव लग रहा है। अगर चाय वाला देश का प्रधानमंत्री हो सकता है, तो ओम प्रकाश राजभर, जो गरीबों, अल्पसंख्यकों, पिछड़ों और युवाओं का नेतृत्व कर रहे हैं, वह भी 'ऑटो वाला' बनकर ऐसा कर सकता है।

सुभासपा के महासचिव ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के कई समर्थक अब उनकी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि 'इसी ऑटो में भर-भर कर' लोग रोजाना सुभासपा से जुड़ रहे हैं।

उनके अनुसार, जनता को अब विश्वास हो गया है कि अखिलेश यादव गरीबों के बीच जाकर राजनीति नहीं कर सकते, क्योंकि वे 'एसी वाले नेता' बन चुके हैं। जबकि ओम प्रकाश राजभर को ऐसा नेता बताया गया है जो हर परिस्थिति में गरीबों और वंचितों के साथ खड़ा रहता है।

अरविंद राजभर ने कहा कि भविष्य में उत्तर प्रदेश की राजनीति में सुभासपा की स्थिति और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में लोग उन नेताओं को जवाब देंगे जो केवल बयानबाजी करते हैं, जबकि जमीनी मुद्दों पर कार्य करने वाले नेताओं को समर्थन मिलेगा। उनके इन बयानों के बाद, प्रदेश की राजनीति में सपा और सुभासपा के बीच जुबानी जंग के फिर से तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।