सोना महापात्रा की युवाओं से अपील, बोलीं- 'दहेज मांगने वालों का खुलासा करें'

सोना महापात्रा की युवाओं से अपील, बोलीं- 'दहेज मांगने वालों का खुलासा करें'

मुंबई, 23 मई। मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत को लेकर प्रसिद्ध सिंगर सोना महापात्रा ने शनिवार को अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उनके पिछले पोस्ट के बाद से उन्हें दहेज उत्पीड़न का शिकार हुई महिलाओं के बहुत से संदेश मिले हैं।

वीडियो की शुरुआत में सोना अपने चर्चित गीत 'बाबुल प्यार सजन सखा रे' की पंक्तियां गाती हैं। उन्होंने कहा, "हाल के दिनों में मैंने अपनी रील पर सैकड़ों संदेश पढ़े हैं। इनमें कई महिलाओं की कहानियों का जिक्र है, जिन्होंने दहेज के लिए प्रताड़ना झेली है। कुछ मामलों में तो शादी टूट गई क्योंकि लड़के वालों ने अचानक अनगिनत मांगें रख दीं। वहीं, लव मैरिज में भी पैसे, गाड़ी और महंगे उपहारों की बातें होने लगीं।"

अपने बचपन के अनुभवों को साझा करते हुए, सोना ने समाज में मौजूद इस गंभीर सोच पर बात की। उन्होंने कहा, "जब मैं बचपन में छुट्टियों में ओडिशा अपने घर जाती थी, तो वहां बड़े परिवारों, रिश्तेदारों, और शादियों का माहौल भिन्न था। मुझे अब भी याद है कि उन शादियों में अक्सर लोग पूछते थे, 'दुल्हन क्या लेकर आ रही है? टीवी? गोदरेज की अलमारी? फ्रिज? स्कूटर? अरे बाइक? क्या बाइक लाई है?'"

उन्होंने कहा कि लोग दहेज को सामान्य बात समझते थे। सोना ने कहा, "मैंने हमेशा देखा है कि एक बहू परिवार में बिना किसी वित्तीय लाभ के काम करने आती है। वह खाना बनाती है, देखभाल करती है और घर संभालती है, लेकिन उसे न वेतन मिलता है, न छुट्टी, और न ही कोई पहचान।"

अपने परिवार में एक अच्छे उदाहरण का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया, "मुझे याद है कि मेरे मामा ने दहेज लेने से मना कर दिया था, लेकिन उनकी सराहना करने के बजाय, लोग उन्हें अजीब नजरों से देखने लगे। ऐसा लगता था जैसे उन्होंने कोई गलत काम किया हो। एक सही कार्य करना अब एक बड़ी बात बन गया है।"

सोना ने समाज में अच्छे लोगों के दोहरे मापदंडों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, "आज 2026 है और फिर भी हमें इतनी महिलाओं की दर्दनाक कहानियां सुनने को मिलती हैं। कई मामलों में तो लड़की की मौत के बाद भी उसके चरित्र पर प्रश्न उठाए जाते हैं। सोशल मीडिया पर लोग लिखते हैं कि 'वह इसके लायक थी' या 'उसका अफेयर था'। यह सब सुनकर बहुत दुख और गुस्सा आता है।"

अपनी बात का समापन करते हुए सोना ने युवाओं से बदलाव की अपील की, "मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि अगर आप किसी को दहेज मांगते या उपहार के नाम पर लेते देखें, तो उसके खिलाफ आवाज उठाएं, चाहे वह दोस्त हो, रिश्तेदार या सहकर्मी। अगर जरूरत हो, तो खुलकर सवाल पूछें। शर्म उन लोगों को आनी चाहिए जो दहेज लेते और देते हैं, न कि उन लोगों को जो इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं। अगर हम सच बोलने में असहजता की वजह से चुप रहते हैं, तो हम भी इस व्यवस्था का हिस्सा बन जाते हैं। फिर हमें हैरानी नहीं होनी चाहिए कि किसी और महिला की हत्या पर चोट के निशान मिले या पीड़ित को बदनाम किया जाए।"