सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा : उम्मीदवारों ने बताया, 'कुछ प्रश्न काफी लंबे थे'

सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा : उम्मीदवारों ने बताया, 'कुछ प्रश्न काफी लंबे थे'

नई दिल्ली, 24 मई। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा देशभर के विभिन्न केन्द्रों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ संपन्न हुई। पहले सत्र के बाद परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते समय अभ्यर्थियों के चेहरे पर मिश्रित भावनाएँ देखी गईं।

इस बार सामान्य अध्ययन का प्रश्न पत्र मध्यम से कठिन श्रेणी में रहा है। परीक्षा के बाद लौटे अभ्यर्थियों ने बताया कि कुछ प्रश्न काफी लंबी, जटिल और वैचारिक थे, जबकि अन्य प्रश्नों को आसानी से हल किया जा सका। परीक्षा की कठिनाई सीधे मेरिट पर प्रभाव डालती है, इसलिए इस स्तर की परीक्षा के बाद उम्मीद है कि कट-ऑफ में थोड़ी कमी आएगी।

राजस्थान के अजमेर में परीक्षा देने वाले शुभम ने कहा, "पहला पेपर जनरल स्टडीज का था, जो बेहद कठिन प्रतीत हुआ। पेपर में केंद्रीय बैंकिंग, अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और विदेश नीति से संबंधित प्रश्न थे।"

वंश कुमावत ने बताया, "इस बार विज्ञान-प्रौद्योगिकी, सामयिकी और पर्यावरण से जुड़े सवालों की संख्या ज्यादा थी। इतिहास के प्रश्न ऐसे थे जिन्हें बिना अध्ययन के हल नहीं किया जा सकता था। पिछली बार की तुलना में यह पेपर बेहतर था।"

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में परीक्षा देने वाली एक युवती ने कहा, "पेपर ठीक गया है। जो तैयारी की थी, उसी के अनुरूप सवाल थे।"

मध्य प्रदेश के इंदौर में परीक्षा देने वाले विशाल ने कहा कि इस बार का पेपर अपेक्षाकृत कठिन था और राजनीति से जुड़े सवालों की संख्या कम थी।

पंजाब के लुधियाना में परीक्षा देने वाले एक युवक ने कहा कि इस बार सरल प्रश्नों की संख्या कम थी। प्रियंका ने कहा कि मैंने पहली बार परीक्षा दी है। पेपर अच्छा गया और प्रश्न संतोषजनक थे।

सीएसएटी का दूसरा पेपर ठीक 2:30 बजे शुरू हुआ। पहले पेपर की तरह यह परीक्षा भी दो घंटे चली और शाम 4:30 बजे समाप्त हुई। इस पेपर में छात्रों की तार्किक क्षमता और गणितीय समझ का परीक्षण कड़े तरीके से किया गया।