सिरसा, 22 मई। हरियाणा के सिरसा में एक 12 वर्षीय लड़के के अपहरण की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने 70 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।
डीसीपी राजेश कुमार ने मीडिया को बताया कि यह जानकर आश्चर्य होता है कि अपहरण की योजना उसी व्यक्ति द्वारा बनाई गई थी, जो प्रतिदिन बच्चे को ट्यूशन के लिए मोटरसाइकिल पर ले जाता था। आरोपी ने खुद को भी बंधक बनाकर दिखाने का प्रयास किया और परिवार तथा पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। इंद्रपुरी में रहने वाले राजेश कुमार की सुरतगढ़िया चौक पर एक किताबों की दुकान है, जबकि चतरगढ़ पट्टी का निवासी सौरभ पिछले तीन वर्षों से वहां काम कर रहा था। सौरभ ने राजेश Kumar के 12 वर्षीय बेटे की विश्वास जीत लिया था।
घटना पिछले दिन शाम लगभग 5 बजे हुई। सौरभ बच्चे को ट्यूशन छोड़ने के लिए निकला था, तभी एक नैनो कार ने उनकी बाइक को रोक लिया। कार में सवार तीन युवक नकाब पहने हुए थे, जिन्होंने दोनों को जबरदस्ती कार में डाल दिया और उनकी आंखों पर कपड़ा बांध दिया। परिवार से व्हाट्सएप कॉल पर 70 लाख रुपए की फिरौती की मांग की गई।
अपहरणकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो बच्चे की जान को खतरा हो सकता है। पुलिस ने तुरंत जांच प्रारंभ की और तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर यह पता चला कि यह पूरी घटना पहले से योजना बनाई गई थी। सौरभ ने खुद को एक पीड़ित की तरह प्रस्तुत किया और बेहोश होने का नाटक किया।
जेजे कॉलोनी पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी सौरभ को चतरगढ़ पट्टी से गिरफ्तार किया। एसपी के आदेश पर शहर पुलिस ने अपहरण, जबरन वसूली और आपराधिक साजिश के तहत मामले में FIR दर्ज की है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त होने की उम्मीद है। तीन अन्य फरार आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।
डीसीपी ने बताया कि सौरभ ने आर्थिक तंगी के चलते इस योजना को बनाया था और वह लंबे समय से परिवार की दिनचर्या और बच्चे की ट्यूशन के समय का अवलोकन कर रहा था। पुलिस ने आम जनता से अनुरोध किया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। इस प्रकरण की आगे की जांच जारी है।