लखनऊ/भोपाल, 20 मई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस पर की गई अपमानजनक टिप्पणी की तीखी आलोचना की। लखनऊ प्रवास के दौरान सीएम यादव ने कहा, "यह एक भयावह स्थिति है कि ऐसी टिप्पणियां विपक्ष के नेता के द्वारा की जा रही हैं। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है।"
राहुल गांधी ने स्थानीय क्रांतिकारी वीर पासी की याद में आयोजित 'बहुजन स्वाभिमान सभा' में संबोधन करते हुए एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा किया, जहां उन्होंने अपने समर्थकों से आरएसएस कार्यकर्ताओं का सामना करने का आग्रह किया।
इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र दो महत्वपूर्ण स्तंभों पर आधारित है- एक तरफ प्रधानमंत्री का नेतृत्व और दूसरी तरफ विपक्ष का नेतृत्व।
उन्होंने आगे कहा, "यदि कोई व्यक्ति महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दों पर चर्चा करता है या सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है, तो यह उचित है। लेकिन राहुल गांधी की बयानबाजी देखकर मुझे लगता है कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।"
सीएम ने यह भी कहा कि कांग्रेस को अपने वरिष्ठ नेता के खिलाफ अनुशासनात्मक उपाय करने चाहिए।
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी की जिस प्रकार की बहस है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।"
सीएम यादव ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारी नीतियों की आलोचना करना स्वीकार्य है, लेकिन प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और आरएसएस के खिलाफ अपमानजनक बातें करना राजनीतिक चर्चा से परे हैं।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस नेता का बयान केवल व्यक्तियों पर नहीं, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों पर भी एक हमला है।" उन्होंने कहा कि विपक्ष का पद संवैधानिक है और इस पर रहकर उन्हें सार्वजनिक चर्चा में शिष्ठता बनाए रखनी चाहिए।
लखनऊ में आयोजित सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरएसएस, प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर भारत के संवैधानिक ढांचे पर सुनियोजित हमले का आरोप लगाया और अपने समर्थकों से आरएसएस कार्यकर्ताओं को चुनौती देने की अपील की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इन टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है, और कई नेताओं ने राहुल गांधी पर राजनीतिक विमर्श का स्तर गिराने का आरोप लगाया है।