भोपाल, 24 मई। मुख्यमंत्री मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने नए वक्फ अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के तहत वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और जनहित में उनके उपयोग के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। बोर्ड ने अवैध कब्जाधारियों को संपत्तियों से हटाने का कार्य किया और सत्यापन के बाद जरूरतमंदों को रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में कदम बढ़ाए। आय में वृद्धि के लिए अन्य राज्यों के वक्फ बोर्डों के साथ विचार-विमर्श किया गया और भारत सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराने में मध्य प्रदेश ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। इसके परिणामस्वरूप मप्र वक्फ बोर्ड को स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया।
डॉ. सनवर पटेल, मप्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, ने कहा कि देश में वक्फ संशोधन कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में बोर्ड ने सामाजिक परिवर्तन संबंधी कई योजनाएं लागू की हैं। मुख्यमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण 1552 छात्रों को स्कूल छोड़ने से बचाया गया है, और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए उचित आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। नए वक्फ अधिनियम से समाज के बच्चों के लिए नए अवसर उपलब्ध हुए हैं।
इस संदर्भ में, मुख्यमंत्री मोहन यादव 25 मई को रवींद्र भवन में भोपाल जिले के 849 मेधावी बच्चों को स्कॉलरशिप देकर सम्मानित करेंगे। यह पहल मप्र वक्फ बोर्ड द्वारा प्रत्येक जिले में इसी तरह के कार्यक्रमों का आरंभ करेगी। "पढ़ो पढ़ाओ - राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो" जैसे नए विचारों पर चर्चा के बाद, अन्य राज्यों से अधिकारी अपने कर्मचारियों को मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के कार्यशैली को समझने के लिए भेजा जा रहा है।
सीएम मोहन यादव के निर्देशन में नए वक्फ अधिनियम के सफल कार्यान्वयन ने मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड को कानूनी और प्रशासनिक मजबूती प्रदान की है। वक्फ माफिया, अवैध कब्जा धारियों और दागदार प्रबंधकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। वक्फ संपत्तियों को सुरक्षित रखने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए हैं। अवैध गतिविधियों से बचने के लिए समानांतर वक्फ बोर्ड के जरिए कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई है।
वक्फ को नुकसान पहुंचाने वाले प्रबंधकों के खिलाफ 41 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इस क्रम में वक्फ यतीमखाना शाहजहांनी, भोपाल के प्रबंधक को 28 करोड़ 96 लाख रुपये का वसूली नोटिस भेजा गया, जिसे राष्ट्र के वक्फ इतिहास का सबसे बड़ा माना जा रहा है। वक्फ मदर गेट उज्जैन के प्रबंधन के खिलाफ 7 करोड़ 21 लाख रुपये की वसूली का नोटिस जारी किया गया है। वक्फ जामा मस्जिद, बीना बजरिया सागर के प्रबंधकों को 1 करोड़ 84 लाख रुपये की वसूली के लिए नोटिस दिया गया है। इसके साथ ही, इंदौर स्थित वक्फ बड़वाली चौकी में 1 करोड़ 24 लाख रुपये की वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है।
वक्फ हिंदू अनाथालय, भोपाल के प्रबंधन पर 1 करोड़ 5 लाख रुपये की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया। जबकि वक्फ अंजुमन इस्लामिया, जबलपुर के पूर्व अध्यक्ष प्यारे साहब द्वारा उत्पन्न की गई 81 लाख 43 हजार रुपये की हानि की वसूली के लिए भी नोटिस भेजा गया है। इन कार्यवाहियों ने दिखाया है कि नए वक्फ बोर्ड वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और जवाबदेही के प्रति पूरी तरह समर्पित है। अवैध गतिविधियों के खिलाफ निरंतर कानूनी कार्रवाई जारी है।
नए संशोधन कानून से केंद्रीय सरकार ने कब्जाधारियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अब सभी संपत्तियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड मौजूद है, जिससे कोई गड़बड़ी करना संभव नहीं है। इससे वक्फ माफिया में खौफ भी देखा गया है। वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण से पारदर्शिता बढ़ी है, जिससे अनैतिक गतिविधियों में कमी आई है। समय पर कृषि भूमि की नीलामी से राजस्व में बढ़ोतरी हुई है जिससे समाज में इसके सकारात्मक प्रभाव का अनुभव किया जा रहा है।
डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि इस वर्ष मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने पहली बार निर्णय लिया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी वक्फ संपत्तियों पर पांच लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। समाज के सभी वर्गों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे अपने पूर्वजों की याद में एक पौधा अवश्य लगाएं। पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी जिलेवार तय की जाएगी और अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा।