सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी असम के 'सच्चे शुभचिंतक' थे

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी असम के 'सच्चे शुभचिंतक' थे

गुवाहाटी, 22 मई। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को यह कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी असम के 'सच्चे शुभचिंतक' रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के कठिन समय में मुखर्जी ने असमवासियों का हौसला बढ़ाने का कार्य किया और उस समय के विवादास्पद ग्रुपिंग प्लान का डटकर विरोध किया, जिसने राज्य के भविष्य को लेकर संदेह उत्पन्न किया था। मुख्यमंत्री सरमा गुवाहाटी में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर बने नए फ्लाईओवर के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रवादी नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि असम के राजनीतिक इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों में उनके योगदान को सदैव याद किया जाएगा।

हिमंता बिस्वा सरमा ने आगे कहा, "श्यामा प्रसाद मुखर्जी का राजनीतिक करियर आदर्श, देशभक्ति, नैतिक साहस और राष्ट्रीय हित के प्रति समर्पण का प्रतिनिधित्व करता था। उन्होंने असम के लोगों के साथ मिलकर कठिन समय में लोकप्रिय नेता गोपीनाथ बोरदोलोई को नैतिक समर्थन प्रदान किया।"

मुख्यमंत्री ने बताया कि 1940-41 के दौरान असम में तनाव उस समय बढ़ा जब असम प्रांतीय मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान प्रस्ताव को स्वीकार किया। इस समय लोगों के बीच राज्य के भविष्य को लेकर भय और अनिश्चितता का वातावरण था।

सरमा ने कहा कि ऐसे संवेदनशील परिदृश्य में श्यामा प्रसाद मुखर्जी असम आए और लोगों से उम्मीद ना छोड़ने की अपील की। उनके भाषणों और राजनीतिक प्रयासों ने जनता का आत्मविश्वास बढ़ाया और असमिया नेताओं को विभाजन काल के दौरान ग्रुपिंग प्लान के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में मुखर्जी परिवार के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आशुतोष मुखर्जी और श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने असमिया भाषा और उच्च शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने बताया कि आशुतोष मुखर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय में असमिया साहित्य के अध्ययन को बढ़ावा दिया और असम के विद्वानों का समर्थन किया। वहीं, श्यामा प्रसाद मुखर्जी के प्रयासों से मैट्रिक स्तर पर असमिया माध्यम की शिक्षा को समर्थन मिला और जेबी कॉलेज जैसी संस्थाओं को कलकत्ता विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी असम की विशिष्ट सांस्कृतिक और बौद्धिक पहचान को समझते थे। उनका मानना था कि असम भाषा, मानवशास्त्र, भूविज्ञान, वनस्पति विज्ञान और वानिकी जैसे विषयों में शोध का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।

इस मौके पर गुवाहाटी-दरभंगा रोड के साइकिल फैक्ट्री जंक्शन से लालगणेश तक बने नए फ्लाईओवर का उद्घाटन भी किया गया। 376 करोड़ रुपए की लागत से बना यह फ्लाईओवर निर्धारित 30 महीने की समय सीमा से पूर्व 26 महीने में पूरा हुआ है। इसके बनने से गुवाहाटी के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और आर्य नगर से लखरा तक नेशनल हाईवे-27 पर वाहनों के दबाव में कमी आने की संभावना है।