नई दिल्ली/मुंबई, 22 मई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दो महत्वपूर्ण बैंक धोखाधड़ी मामलों में कठोर कदम उठाए हैं। 21 मई को सीबीआई ने मुंबई और अहमदाबाद में कुल सात स्थानों पर खोजबीन की, जिसमें दोनों कंपनियों के निदेशकों के निवास स्थान भी शामिल थे।
सीबीआई ने श्री हरि एक्सट्रूजन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स जय फॉर्मूलेशंस लिमिटेड के खिलाफ विभिन्न मामलों में तलाशी अभियान चलाया। इन मामलों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मिलाकर 119.03 करोड़ रुपए की हानि हुई है।
श्री हरि एक्सट्रूजन प्राइवेट लिमिटेड के मामले में सीबीआई ने मुंबई के विशेष न्यायाधीश द्वारा जारी किए गए वारंट के आधार पर कार्रवाई की। कंपनी पर 61.98 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी ने पंजाब नेशनल बैंक से कैश क्रेडिट और टर्म लोन की सुविधा हासिल की, लेकिन इसके लिए धोखाधड़ी के तरीके अपनाए।
आरोपियों ने अनसिक्योर लोन दिए, सहयोगी फर्मों के साथ नकली लेन-देन किए, बिक्री के पैसे बैंक को नहीं लौटाए और संबंधित पक्षों को गलत तरीके से भुगतान किया। तलाशी के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
मेसर्स जय फॉर्मूलेशंस लिमिटेड के मामले में अहमदाबाद की अदालत के वारंट पर कार्रवाई की गई। इसमें 57.05 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी का आरोप है। कंपनी पर भारतीय स्टेट बैंक से झूठे खातों के आधार पर ऋण सुविधाएं लेने और फिर ऋण की राशि का दुरुपयोग करने का आरोप है।
सीबीआई के अनुसार, इन दोनों मामलों में कंपनियों के निदेशकों और अन्य आरोपियों ने बैंक को धोखा दिया और सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया। दोनों शहरों में किए गए तलाशी अभियानों में मिले दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि आगे और खुलासे होने की संभावना है।
यह कार्रवाई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बढ़ते घोटालों के खिलाफ सीबीआई की निरंतर मुहिम का एक हिस्सा है। हाल के महीनों में, सीबीआई ने कई बड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में छापेमारी और गिरफ्तारियां की हैं। अधिकारियों ने बताया कि दोनों कंपनियों के निदेशकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो जल्दी ही गिरफ्तारियां भी की जा सकती हैं।