मुंबई, 24 मई। भारतीय शेयर बाजार के लिए आगामी सप्ताह महत्वपूर्ण साबित होगा। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता, कच्चे तेल की कीमतें, एवं भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा केंद्र सरकार को दिया गया डिविडेंड, बाजार के रुझान को प्रभावित करेंगे। आरबीआई ने शुक्रवार शाम को वित्त वर्ष 26 के लिए केंद्र सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपए का डिविडेंड देने की घोषणा की है, जिससे सरकार के गैर-कर राजस्व में वृद्धि देखने को मिलेगी। इस पर बाजार सोमवार को अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करेगा।
हाल के दिनों में अमेरिका-ईरान वार्ता में काफी प्रगति हुई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए), इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और अन्य संबंधित देशों के बीच एक समझौते पर बातचीत काफी हद तक हो चुकी है, जिसे अब अंतिम रूप दिया जाना है।
इससे मध्य पूर्व में फरवरी के अंत से जारी तनाव के समाप्त होने की संभावना बन रही है।
अगले सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों पर निवेशकों की नजरें रहेंगी। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मिले। इस दौरान सेंसेक्स 177 अंक या 0.24 प्रतिशत बढ़कर 75,415 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 75 अंक या 0.32 प्रतिशत बढ़कर 23,719 पर पहुंच गया।
सूचकांकों में निफ्टी आईटी 4.31 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे बड़ा लाभकारी रहा। निफ्टी रियल्टी (2.39 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.10 प्रतिशत), निफ्टी ऑयल एंड गैस (1.08 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (1.06 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.74 प्रतिशत) और निफ्टी कमोडिटीज (0.37 प्रतिशत) ने भी हरे निशान में बंद किया।
वहीं निफ्टी मीडिया (4.29 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (1.57 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (1.18 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.86 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (0.51 प्रतिशत) और निफ्टी पीएसयू बैंक (0.26 प्रतिशत) में गिरावट देखने को मिली।