नई दिल्ली, 22 मई। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने विवादास्पद 'कॉकरोच जनता पार्टी' के अभियान पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान और इससे जुड़े अपने इंटरव्यू से मिली प्रतिक्रियाओं का वे स्वागत करते हैं।
अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर थरूर ने लिखा, "बहुत से उपयोगकर्ता इसे पाकिस्तान की साजिश मानकर खारिज कर रहे हैं, लेकिन यह सच काफी सरल है। अभिजीत दिपके के अनुसार उनके 94 प्रतिशत फॉलोवर्स भारत में हैं। वास्तविकता चाहे जो हो, मेरा मानना है कि लोकतंत्र में ऐसी आवाजों को दबाना एक मूर्खता है।"
उन्होंने बताया कि लोकतंत्र की खासियत यही है कि यह लोगों की भावनाओं और मुद्दों को उजागर करने का मंच प्रदान करता है। इन मुद्दों को किसी व्यंग्यात्मक वेबसाइट पर दिखाने देना वास्तव में देश के लिए फायदेमंद है।
थरूर ने यह भी कहा कि इस अभियान ने युवाओं की राष्ट्रीय भावनाओं के एक महत्वपूर्ण पहलू को छुआ है, चाहे इसके संस्थापकों की मंशा जो भी हो। उन्होंने इन आंदोलनों की तुलना प्रेशर कुकर के वॉल्व से की और कहा, "ये वॉल्व अंदर की भाप को बाहर निकालते हैं। अगर इन्हें बंद कर दिया जाए तो दबाव इतना बढ़ जाएगा कि कुकर फट जाएगा। मैं अराजकता और अफरातफरी के बजाय व्यंग्य को पसंद करता हूं।"
थरूर ने सरकार और विपक्ष को चेतावनी दी कि युवाओं की नाराजगी को नजरअंदाज करना या दबाना एक गंभीर गलती होगी। उन्होंने जोर दिया कि 'यंग इंडिया' की चुनौतियों को समझना और उनका समाधान निकालना हम सभी की जिम्मेदारी है।
अंत में थरूर ने आग्रह किया, "चलो, इस पर लगे बैन को हटाते हैं और उनकी बातों पर ध्यान देते हैं।" उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष को लोगों की दबाई हुई नाराजगी को समझने के लिए सक्रिय होना पड़ेगा।