शाहदरा पुलिस की साहसिकता, आग में फंसे तीन व्यक्तियों और एक शिशु को सुरक्षित निकाला

शाहदरा पुलिस की साहसिकता, आग में फंसे तीन व्यक्तियों और एक शिशु को सुरक्षित निकाला

नई दिल्ली, 23 मई। दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र में पुलिस ने अपनी जान पर खेलते हुए तीन व्यक्तियों को आग से बचाया, जिनमें एक साल का एक बच्चा भी था। पुलिस की त्वरित और साहसी कार्रवाई से एक परिवार की जान बचाई जा सकी।

यह घटना शाहदरा के अजीत नगर स्थित गली नंबर 9, मकान संख्या 4332 में घटित हुई। खाना बनाते समय गैस सिलेंडर से रिसाव के कारण अचानक आग भड़क उठी, जिससे घर की पहली मंजिल पर एक कमरा पूरी तरह से आग की लपटों में घिर गया। उस कमरे में तीन लोग फंस गए थे।

सूचना मिलते ही शाहदरा पुलिस का बीट स्टाफ तत्परता से मौके पर पहुंच गया। इस टीम में एएसआई कुलदीप, एचसी राहुल, कांस्टेबल विपिन और कांस्टेबल सनी शामिल थे, जो उस समय क्षेत्र में नियमित गश्त कर रहे थे। आग की लपटें देखकर उन्होंने बिना देर किए या किसी अतिरिक्त सहायता की प्रतीक्षा किए, तुरंत घर में प्रवेश कर बचाव कार्य आरंभ किया।

पुलिसकर्मियों ने साहस का परिचय देते हुए जलते हुए कमरे में दाखिल होकर तीनों व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला। उन्होंने सावधानी और बुद्धिमानी से कार्य किया, जिससे कोई बड़ा हादसा होने से टल गया।

बचाए गए व्यक्तियों में अरशद अली (34 वर्ष), उनकी पत्नी अरशाना (28 वर्ष) और उनका एक साल का बच्चा अरमान अली शामिल हैं। ये सभी उसी मकान के निवासी हैं।

तीनों घायलों को तुरंत ऑटो रिक्शा के माध्यम से जग प्रवेश चंद्र अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सक उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं।

इस घटना में शाहदरा पुलिस की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। आमतौर पर पुलिस अपनी ड्यूटी के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों में भी लोगों की सहायता करती है, लेकिन इस बार उनके जवानों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर अनुकरणीय साहस का परिचय दिया। उनकी तत्परता और साहस के कारण एक छोटे बच्चे सहित पूरे परिवार की जान बच सकी।

स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की प्रशंसा की है। फिलहाल, पुलिस आग लगने के असली कारण की जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की जा सके।