सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए गुजरात सरकार की बड़ी पहल, आईटीआई में शुरू हुआ खास स्किल प्रोग्राम

सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए गुजरात सरकार की बड़ी पहल, आईटीआई में शुरू हुआ खास स्किल प्रोग्राम

गांधीनगर,19 मई (आईएएनएस)। गुजरात के धोलेरा और साणंद में सेमीकंडक्टर उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है। इस उद्योग की कुशल मानवबल की जरूरत को पूरा करने की दिशा में गुजरात सरकार ने एक महत्वपूर्ण कार्य शुरू किया है। राज्य के सेमीकंडक्टर हब धोलेरा में स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) से हाल ही में ‘यूएचपी सेमीकंडक्टर वेल्डिंग प्रोग्राम’ का 16 छात्रों का पहला बैच पास आउट हो गया है और दूसरे बैच की शुरुआत भी हो गई है। ‘यूएचपी (अल्ट्रा हाई प्योरिटी) सेमीकंडक्टर वेल्डिंग प्रोग्राम’ आईटीआई स्तर पर पढ़ाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण शुरुआत है, जो सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए क्लीनरूम के लिए विशेष मानवबल तैयार करता है। यह प्रोग्राम टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स (टाटा आईआईएस) द्वारा गुजरात सरकार और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सहयोग से चलाया जाता है। यह देश का अपनी तरह का पहला ऐसा प्रयोग है, जहां औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में सेमीकंडक्टर के लिए तैयार क्लीनरूम प्रशिक्षण की सुविधा स्थापित की गई है और यह स्किलिंग प्रोग्राम सीधे देश में विकसित हो रहे कॉमर्शियल सेमीकंडक्टर फैब से जुड़ा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग को नई रफ्तार मिली है और इन उद्योगों के लिए जरूरी कुशल मानवबल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न कंपनियों के साथ स्किल डेवलपमेंट के कार्यक्रम शुरू किए हैं। इस प्रोग्राम में छात्रों को अल्ट्रा हाई प्योरिटी (यूएचपी) वेल्डिंग में प्रशिक्षण दिया जाता है, जो सेमीकंडक्टर फैब्स में कंटेमिनेशन-मुक्त गैस डिलीवरी और प्रोसेस पाइपिंग सिस्टम के लिए जरूरी विशेष कुशलता प्रदान करता है। इस प्रोग्राम में आईटीआई में अध्ययनरत या किसी भी ट्रेड से उत्तीर्ण हुए छात्र प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए किसी विशेष ट्रेड की पूर्व शर्त नहीं है। उम्मीदवारों का चयन टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स द्वारा किया जाता है। इस प्रोग्राम से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने आईटीआई धोलेरा में कंटेनराइज्ड आईएसओ क्लास 1 लेक क्लीनरूम की सुविधा स्थापित की है। इस सुविधा का परिचालन पूरी तरह से टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा किया जाता है और इसके लिए जरूरी फंड भी कंपनी की ओर से दिया गया है। जिससे आईटीआई और गुजरात सरकार के बीच सहयोग मजबूत हो रहा है।