सतिंदर सरताज का रूहानी सफर ऑस्ट्रेलिया की सड़कों पर

सतिंदर सरताज का रूहानी सफर ऑस्ट्रेलिया की सड़कों पर

मुंबई, 22 मई। प्रसिद्ध सूफी गायक और गीतकार डॉ. सतिंदर सरताज अपने अद्भुत संगीत से देश-विदेश में बखूबी मशहूर हैं। उन्होंने शुक्रवार को एक विशेष वीडियो साझा किया।

इस वीडियो में सतिंदर ऑस्ट्रेलिया की सड़कों पर घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसमें उन्होंने अपने गाने 'फलसफे- द फिलॉसफी' का उपयोग किया है।

इस पोस्ट में उन्होंने ज़िंदगी और मानवीय भावनाओं पर विचार करते हुए लिखा, "मेरे विचार आज भी एक बच्चे के जैसे हैं, अधूरे… बिल्कुल मेरी तरह। एक दिन आएगा जब आप मेरे इन विचारों को स्वयं समझ जाएंगे, लेकिन यह तब होगा जब आप भी ज़िंदगी की उस स्थिति और अनुभव पर पहुंचेंगे जहां मैं हूं।"

उन्होंने आगे उम्मीद जताते हुए लिखा, "मैं आशा करता हूं कि हमारी प्रार्थनाएं और आशीर्वाद हमारे पवित्र विचारों और सुंदरता की दुनिया में पहुंचें। मेरे अंदर जो एक खालीपन है, वह किसी विशेष और भरोसेमंद इंसान के साथ रहने से भर जाएगा।"

आगे उन्होंने कहा, "इन आसमानों से परे, एक दिव्य रोशनी मुझे लगातार अपनी ओर खींच रही है। कोई भी व्यक्ति तब तक भगवान या अनंत ब्रह्मांड में विलीन नहीं हो सकता, जब तक कि वह पूरी तरह से बिखर न जाए।"

सतिंदर का यह आध्यात्मिक अंदाज उनके फैंस को बहुत भा रहा है, और वे कमेंट सेक्शन में उनकी प्रशंसा कर रहे हैं।

'फलसफे- द फिलॉसफी' एक दार्शनिक गीत है, जो सतिंदर की चर्चित एल्बम 'ट्रैवल डायरीज वॉल्यूम-3' का हिस्सा है। इस गीत को डॉ. सतिंदर सरताज ने लिखा और संगीतबद्ध किया है।

'फलसफे' का अर्थ दर्शन या जीवन के सिद्धांत है। इस गीत के जरिए सतिंदर ने जीवन के असली सत्य, यात्रा, समय के महत्व और दुनिया के स्वभाव का वर्णन किया है। गीत की पंक्तियां प्रेम, विरह और अस्तित्व से जुड़े सवालों के चारों ओर घूमती हैं, जो सुनने पर एक अद्भुत सुकून प्रदान करती हैं।