नई दिल्ली, 24 मई। भारत में नई ‘सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग’ के उद्घाटन के अवसर पर, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि यह अत्याधुनिक केंद्र भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के साथ ही, दोनों देशों के सहयोग को और भी मजबूत करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो के साथ इस उद्घाटन समारोह में भाग लेना उनके लिए एक गर्व का विषय है।
सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की गई अपनी पोस्ट में कहा, “मुझे अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो के साथ हमारी नई ‘सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग’ के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस इमारत में नई दिल्ली में हमारे प्रबंधन और कांसुलर विभाग संचालित होंगे। यह आधुनिक केंद्र हमारे द्वारा अमेरिकी और भारतीय नागरिकों को अधिक प्रभावी सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, साथ ही यह अमेरिका-भारत संबंधों की मजबूती को भी दर्शाता है।”
मार्को रुबियो, जो शनिवार को अपने पहले आधिकारिक दौरे पर भारत आए हैं, नई दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, रुबियो ने पीएम मोदी को विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की जानकारी दी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पीएम मोदी को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण भी दिया।
नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास की ‘सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग’ के उद्घाटन से पहले, मार्को रुबियो ने कहा कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के व्यक्तिगत रिश्ते भी भारत-अमेरिका संबंधों को और बेहतर बना रहे हैं।
रुबियो ने कहा, “दोनों नेताओं के बीच का रिश्ता पहले कार्यकाल से ही मजबूत बना हुआ है, जब राष्ट्रपति ट्रंप भारत आए थे। यह संबंध अब दूसरे कार्यकाल में भी प्रगाढ़ है, और दोनों के बीच सामंजस्य स्पष्ट देखने को मिलता है। ये दोनों नेता गंभीर हैं और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गहरी होती जा रही है, जो सामान्यतः चर्चा में नहीं आते लेकिन बहुत महत्वपूर्ण हैं।
रुबियो ने कहा, “व्यापारिक संबंधों में विस्तार हुआ है, और भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैन्य अभ्यासों के जरिए हमारी सुरक्षा साझेदारी भी मजबूत हुई है। इसके अतिरिक्त, एक व्यवस्थित और सुरक्षित कांसुलर व्यवस्था इस रिश्ते को और मजबूती प्रदान करेगा। इसी उद्देश्य से हम ‘अमेरिका फर्स्ट’ वीजा शेड्यूलिंग टूल की शुरुआत कर रहे हैं, जो व्यापारिक पेशेवरों को प्राथमिकता देगा।”
अपने संबोधन के अंत में, रुबियो ने भारत-अमेरिका साझेदारी की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के संबंधों को और प्रगाढ़ बनाना है।
उन्होंने कहा, “इसलिए मैं इस दौरे पर उन संबंधों को फिर से मजबूत करने और नई दिशा देने आया हूँ। हमें विश्वास है कि आने वाले महीनों में हम दोनों देशों के बीच सहयोग के विकास में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करेंगे।”