नई दिल्ली, 20 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने राहुल गांधी की शब्दावली पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर रहने वाले नेताओं को अपने वाक्य में शिष्टता का पालन करना चाहिए। आलोक कुमार ने बातचीत में कहा कि राहुल गांधी को यह ध्यान रखना चाहिए कि वह विपक्ष के नेता हैं और अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। क्या पीएम मोदी के नाम के साथ ‘जी’ नहीं लगाना चाहिए? क्या यह स्वीकार्य होगा कि ‘नरेंद्र मोदी कहता है’? हमने अटल जी और आडवाणी जी को विपक्षी नेता के रूप में देखा है।
उन्होंने कहा कि पहले के नेता सार्वजनिक बयानों में अधिक शिष्टता बरतते थे, जबकि वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है। सीधे देशद्रोह का आरोप लगा दिया गया और यह कहा गया कि भविष्य में कठिन समय आने वाला है, तो क्या सिर्फ भारत के लिए? ईरान और अमेरिका के बीच तनाव भी चल रहा है; अगर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हुआ, तो तेल, खाद और गैस की कमी हो सकती है। इसी लिए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है कि वे कुछ त्याग करें।
आलोक कुमार ने कहा कि राहुल गांधी जब कहते हैं कि पीएम मोदी की गलती है, तो क्या उन्होंने युद्ध करवाया है? क्या उन्होंने तेल की आवाजाही को रोका है? जो कुछ भी हो रहा है, वह दो देशों के अभिमान के कारण है।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि मैंने सुना है कि कंस को अपने आखिरी दिनों में हर जगह भगवान कृष्ण का भय सताने लगा था। कांग्रेस की लगातार हार के कारण इस प्रकार के बयानों का आना स्वाभाविक है। यदि मैं उनकी भाषा में कहूं तो कहना होगा कि वे विचारहीन और बदतमीजी से भरे हुए हैं।
राहुल गांधी पर संविधान को बेचने और अंबेडकर का अपमान करने के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह सबसे बड़ा झूठ है। ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस का यह एकमात्र उद्देश्य है कि वे सभी संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करें; इसलिए वे मुख्य चुनाव आयुक्त और न्यायाधीशों को हटाने के लिए नोटिस जारी करते हैं। लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव भी लाते हैं। वे तलवारें भला क्यों लहरा रहे हैं, जबकि उनकी तलवारें हवा में ही घूम रही हैं। संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश है।
उन्होंने संघ पर लगाए जा रहे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। संघ ने सतत विकास किया है, 100 साल का हो चुका है और आगे भी आगे बढ़ता रहेगा। इससे कांग्रेस को ही नुकसान उठाना पड़ेगा।
इसी बीच, विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि केरल में नई सरकार का गठन हुआ है जो मुस्लिम लीग की सोच के मुताबिक चलती है। ऐसे बयानों से कांग्रेस अपनी अंतिम यात्रा की ओर अग्रसर हो रही है। जिसने अपने देश के प्रधानमंत्री के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग किया, वह सबसे बड़ा गद्दार है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो थाली में खाते हैं, उसी थाली में छेद करने की जिहादी मानसिकता के रास्ते पर कांग्रेस चल रही है।