पुणे, 24 मई। राज्यसभा सांसद प्रोफेसर डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी को उनके शानदार कार्यों के लिए लगातार दूसरे साल 'संसद रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस वर्ष केRecipients में महाराष्ट्र से भाजपा सांसद हेमंत सावरा, स्मिता वाघ और शिवसेना के डॉ. श्रीकांत शिंदे तथा नरेश म्हस्के शामिल हैं। यह पुरस्कार प्राइम पॉइंट फाउंडेशन की ओर से हर साल संसद सदस्यों को उनके अद्वितीय योगदान के लिए दिया जाता है।
प्रोफेसर डॉ. मेधा कुलकर्णी ने अपने पहले कार्यकाल में ही जन कल्याण और राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता और प्रभावशाली भागीदारी के जरिए अपनी पहचान बनाई है। उनकी सतत उपस्थिति, बहसों में सार्थक योगदान और जनहित के विषयों पर उनके दृढ़ दृष्टिकोण ने उन्हें यह सम्मान एक बार फिर दिलवाया है। यह उपलब्धि महाराष्ट्र और विशेष रूप से पुणे के लिए गर्व का विषय है।
संसद में, प्रोफेसर डॉ. मेधा कुलकर्णी ने रेल, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण विकास, शिक्षा, सामाजिक न्याय और कॉर्पोरेट जिहाद से संबंधित गंभीर मुद्दों को लगातार उठाया है। उन्होंने विभिन्न सत्रों, शून्यकाल और प्रश्नकाल के दौरान सक्रिय रूप से भाग लिया है। हाल ही में समाप्त हुए सत्र में, उन्होंने महिला सुरक्षा, बीमा सुरक्षा, वर्षा जल संचयन, आधार प्रमाणीकरण और कृषि भूमि से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
पुरस्कार की घोषणा के बाद अपनी खुशी व्यक्त करते हुए प्रोफेसर डॉ. मेधा कुलकर्णी ने कहा कि लगातार दूसरे साल 'संसद रत्न पुरस्कार' प्राप्त करना मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी का विषय है। यह सम्मान केवल मेरा नहीं है, बल्कि यह उन प्रयासों की मान्यता है जो संसद में जनता की आकांक्षाओं का सार्थक प्रतिनिधित्व करते हैं। लोकतंत्र में, एक जनप्रतिनिधि की असली पहचान उसकी प्रतिबद्धता और कार्यों में छिपी होती है। यह जनता के विश्वास और आशीर्वाद का प्रतीक है। मैं निरंतर जनहित के मुद्दों को उठाने के प्रति प्रतिबद्ध रहूंगी।