राज्य सरकार द्वारा आमजन की राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 19 मई को आयोजित “सहयोग शिविर” में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर आयोजित इस शिविर में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को कुल 30,390 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 13,379 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है।
मंत्री ने की आवेदनों की समीक्षा
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सहयोग शिविर से जुड़े आवेदनों और उनके निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह, अपर सचिव आजीव वत्सराज समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवा मिल सके।
एक ही मंच पर मिली कई सुविधाएं
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि सहयोग शिविर के माध्यम से लोगों को दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि मापी और अन्य राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एक ही स्थान पर सुविधा उपलब्ध कराई गई।
इस पहल के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं और उन्हें त्वरित समाधान की उम्मीद मिली।
बेगूसराय में सबसे ज्यादा आवेदन
जिलावार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 2,693 आवेदन बेगूसराय जिले से प्राप्त हुए। इसके बाद मुजफ्फरपुर में 1,585, गया में 1,575, खगड़िया में 1,552 और पश्चिम चंपारण में 1,459 आवेदन दर्ज किए गए।
इसके अलावा पटना, पूर्णिया, भोजपुर और पूर्वी चंपारण समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए।
13 हजार से अधिक मामलों का हुआ निपटारा
विभाग के अनुसार प्राप्त कुल आवेदनों में से 13,379 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है, जबकि शेष 16,112 मामलों के समाधान के लिए समय सीमा तय कर अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि आम लोगों को राजस्व मामलों के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
गांव-गांव तक पहुंच रही राजस्व सेवाएं
मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सहयोग शिविर प्रशासन और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने का माध्यम बन रहा है। इससे राजस्व सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक सुनिश्चित हो रही है और लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरल एवं पारदर्शी व्यवस्था मिल रही है।