चंडीगढ़/गुरुग्राम, 22 मई। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेता संजीव अरोड़ा के बीच गुरुग्राम जेल में होने वाली मुलाकात पर कड़ा बयान दिया है।
बिट्टू ने कहा कि यह बैठक सामान्य नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गंभीर सवाल हैं। उन्होंने बताया कि इस मुलाकात के तीन मुख्य उद्देश्य हो सकते हैं: एक, जेल में कैद व्यक्ति को यह समझाना कि 'अगर कमाई गई रकम लौटानी पड़ी तो इसके लिए रोना नहीं चाहिए', दो, कथित 'लूटे हुए धन' की जानकारी लेना, और तीन, जेल की स्थिति और उसके संचालन को समझना।
बिट्टू ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक 'मीटिंग' नहीं थी, बल्कि एक प्रकार की 'रेकी' भी थी, जिसके जरिए भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही और नेताओं के नाम भी सामने आ सकते हैं।
संजय अरोड़ा को 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने उनके चंडीगढ़ स्थित सरकारी निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद विशेष अदालत ने उन्हें 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।
अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न स्थानों पर छापे मारे थे, जिसमें मंत्री का सरकारी निवास भी शामिल था। यह कार्रवाई 2024 में हो रही जांच से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें औद्योगिक भूमि को आवासीय परियोजनाओं में बदलने से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप संलग्न हैं।
इस कार्रवाई पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अब बिट्टू ने संजीव अरोड़ा से सीएम भगवंत मान की होने वाली मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भविष्य में किसी अन्य नेता का भी नंबर आ सकता है, जिससे स्पष्ट होता है कि मान जेल की सुविधाओं का निरीक्षण करने जा रहे हैं।