समाजवादी पार्टी का नाम बदलकर नमाजवादी पार्टी रख लेना चाहिए: आचार्य प्रमोद कृष्णम

समाजवादी पार्टी का नाम बदलकर नमाजवादी पार्टी रख लेना चाहिए: आचार्य प्रमोद कृष्णम

गाजियाबाद में कल्कि धाम के प्रमुख आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने विश्वविद्यालयों में ड्रेस कोड के पक्ष में अपना समर्थन व्यक्त किया और समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस की राजनीति और उनके बयानों की आलोचना की। आचार्य ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को अपना नाम नमाजवादी पार्टी रख लेना चाहिए। यह पार्टी हमेशा से उत्तर प्रदेश को जातिवाद और सनातन संस्कृति पर हमलों के शिकार बनाती रही है।

उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता बौखलाए हुए हैं, खासकर बंगाल में ममता सरकार की हार और भाजपा के उभार के बाद। अब उन्हें लगातार पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के ख्वाब आते हैं। उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालयों में छात्रों के ड्रेस कोड का स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि किसी संस्थान की विशेष परिधान उसकी गरिमा का प्रतीक होती है। मुझे लगता है कि पूरे उत्तर प्रदेश में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जो कह सके कि उसके साथ अन्याय हो रहा है। लेकिन समाजवादी पार्टी के नेता ऐसा महसूस करते हैं क्योंकि उन्हें लूट और भ्रष्टाचार से दूर रखा गया है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने समाजवादी पार्टी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पीएम मोदी और सीएम पर अपमानजनक टिप्पणियाँ करना सेकुलरिज्म नहीं, बल्कि गुंडागर्दी है। यह गुंडागर्दी, जो सेकुलरिज्म के नाम पर थोपी जा रही है, को देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लंबे जीवन से संबंधित नारे पर आचार्य ने अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इतनी लंबी उम्र मिले ताकि कांग्रेस का पतन जारी रहे। कांग्रेस की बर्बादी का मुख्य जिम्मेदार सिर्फ राहुल गांधी ही हैं और इस बर्बादी के लिए किसी और की जरूरत नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी को टॉफी देने पर राहुल गांधी की टिप्पणी पर आचार्य ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मैं पीएम मोदी से यह अनुरोध करना चाहता हूं कि वह राहुल गांधी को मेलोनी टॉफी का एक पैकेट जरूर भेंट करें।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर उभरी कॉकरोच जनता पार्टी को आम आदमी पार्टी (आप) की साजिश बताया, जिसमें कहा गया कि इस पार्टी को फंडिंग की जा रही है। इस पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत एक भावनाओं का देश है और इसकी जनता देश को तोड़ने वालों की साजिशों को बर्दाश्त नहीं कर सकती। मेरा मानना है कि देश के लोग समझदार हैं।