सैनिकों का आतंकवाद-रोधी अभ्यास: 13 देशों की भागीदारी

सैनिकों का आतंकवाद-रोधी अभ्यास: 13 देशों की भागीदारी

नई दिल्ली, 24 मई। भारतीय सेना मेघालय के पहाड़ी और वन क्षेत्र में आतंकवाद-रोधी मिशन को अंजाम दे रही है। यह अभ्यास ‘प्रगति’ नामक एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास का हिस्सा है, जिसमें भारतीय सेना के साथ 12 अन्य देशों के सैन्य दल भी सम्मिलित हैं। इस पहले ‘प्रगति’ बहुराष्ट्रीय अभ्यास का उद्देश्य समन्वय, स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देना है। भारतीय सेना ने जानकारी दी है कि ये अभ्यास उमरोई में उत्साहपूर्वक चल रहे हैं, जहाँ भारतीय और सहयोगी देशों के सैनिक मिलकर प्रशिक्षण पा रहे हैं। सेना का कहना है कि यह अभ्यास आपसी सामंजस्य, विश्वास और संयुक्त क्षमता को बढ़ा रहा है।

इस सैन्य अभ्यास में भारत के साथ विभिन्न सहयोगी देशों की सेनाएं भी प्रतिभाग कर रही हैं। इनमें भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम की सैन्य टुकड़ियाँ शामिल हैं। सेना के अनुसार, यह अभ्यास पारंपरिक योजना, सामरिक अभ्यास और समन्वित अभियानों के जरिए ऑपरेशनल तालमेल को और विकसित कर रहा है।

वास्तव में, ‘प्रगति’ अभ्यास ये दर्शाता है कि सेनाएं शांति, स्थिरता, सुरक्षा और सहयोगात्मक विकास के लिए सामूहिक संकल्प के प्रति प्रतिबद्ध हैं। यह सैन्य अभ्यास दो सप्ताह तक चलेगा और इसका फोकस अर्ध-पहाड़ी एवं वन क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियानों पर रहेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में समन्वित योजना निर्माण, सामरिक स्तर के अभ्यास और अभियानों का संचालन किया जाएगा, ताकि विभिन्न देशों के सैनिकों की अनुकूलन क्षमता, सहनशक्ति और सामरिक दक्षता को बेहतर बनाया जा सके।

कठिन परिस्थितियों में संचालन के दौरान शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और आपसी समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ‘प्रगति’ अभ्यास का विषय है- रिजॉल्यूट, रिलेंटलेस एंड यूनाइटेड। इसका उद्देश्य विभिन्न मित्र देशों के बीच सैन्य सहयोग, समन्वय और आपसी समझ को सुदृढ़ करना है।

यह ध्यान देने योग्य है कि जब विदेशी सैनिक भारत पहुंचे, तो भारतीय सेना ने उनका पारंपरिक और सांस्कृतिक स्वागत किया। ‘प्रगति’ का अर्थ है भारतीय महासागर क्षेत्र में विकास और परिवर्तन के लिए क्षेत्रीय सेनाओं की साझेदारी। यह अभ्यास समानता, मित्रता और आपसी सम्मान की भावना के साथ आयोजित किया जा रहा है। यह विभिन्न देशों की सेनाओं को पेशेवर अनुभव साझा करने, एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने और सैन्य सहयोग को बढ़ाने के लिए एक साझा मंच मुहैया करा रहा है।