झुंझुनूं, 24 मई। राजस्थान के झुंझुनूं में आत्महत्या करने वाले छात्र प्रदीप माहिच के परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस नेता सचिन पायलट रविवार को गुढ़ा बावनी पंचायत पहुंचे। इस अवसर पर सांसद बृजेन्द्र ओला और कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी उनके साथ थे। इससे पहले, राहुल गांधी ने परिवार से फोन पर बात की थी।
पारिवारिक मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि किसी गरीब परिवार के युवा का इस तरह से आत्महत्या करना केवल उस परिवार के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत हृदय विदारक स्थिति है। उन्होंने बताया कि प्रदीप के पिता ने उसकी शिक्षा के लिए मेहनत से पैसे जुटाए थे, लेकिन पेपर लीक ने उसके सभी सपनों को चूर-चूर कर दिया।
पायलट ने प्रशासन और पुलिस के प्रति परिवार के प्रति संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर परिवार के साथ इस मुश्किल समय में गलत व्यवहार किया गया है, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक केवल एक साधारण घटना नहीं है, बल्कि यह एक बड़े संगठित नेटवर्क और माफिया से जुड़ी गंभीर समस्या है। उनके अनुसार इस मामले से 22 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं और इसके पीछे एक व्यापक भ्रष्ट तंत्र काम कर रहा है।
राज्य सरकार को निशाना बनाते हुए सचिन पायलट ने पूछा कि जब पहली बार इस लीक का पता चला, तो तत्काल एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों ने अपनी आवाज नहीं उठाई होती, तो इस मुद्दे को दबा दिया जाता।
पायलट ने यह भी कहा कि जिस विभाग में बार-बार पेपर लीक हो रहा है, उसके मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित संस्थाएं इस मुद्दे की सच्चाई को उजागर करने से बच रही हैं, संभवतः किसी बड़े नेटवर्क की रक्षा करने की कोशिश कर रही हैं।
कांग्रेस पार्टी इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। पायलट ने बताया कि पार्टी की ओर से परिवार को 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है और भविष्य में भी कांग्रेस हर संभव मदद करती रहेगी।
सचिन पायलट ने कहा कि पेपर लीक केवल एक कानूनी अपराध नहीं है, बल्कि यह युवा पीढ़ी के सपनों की हत्या करने जैसा है।