'सभी के लिए समान नियम', कुर्बानी पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

'सभी के लिए समान नियम', कुर्बानी पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

कोलकाता, 22 मई। बकरीद से पूर्व कोलकाता उच्च न्यायालय के आदेश पर भाजपा नेताओं के विचार सामने आए हैं। भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल ने बातचीत में कहा कि टीएमसी के सक्रिय लोग अदालत का समय बर्बाद करने से परहेज करें। मौजूदा एक्ट में वध से संबंधित सभी नियम और कानून पहले से मौजूद हैं। 14 वर्ष से कम उम्र के पशुओं की कुर्बानी नहीं की जा सकती। यदि इन नियमों को नहीं समझ पा रहे हैं, तो उन्हें अध्ययन करना चाहिए।

प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि सार्वजनिक स्थलों या सड़कों पर कुर्बानी नहीं दी जा सकती। कुर्बानी के लिए केवल विशेष रूप से चिन्हित स्थानों का ही उपयोग होगा। आवासीय क्षेत्रों में भी ऐसा करना मना होगा। हुमायूं कबीर के बारे में उन्होंने कहा कि वे कौन हैं? जिन्होंने दो सीटें भी नहीं जीतीं और मुस्लिम समाज का प्रतिनिधित्व करने का प्रयास कर रहे हैं। सभी के लिए नियम और कानून हैं। यदि इन्हें स्वीकार नहीं करते, तो जेल में डालने का प्रावधान है।

भाजपा नेता रितेश तिवारी ने कहा कि महुआ मोइत्रा गाय की कुर्बानी करना चाहती हैं। यह एक बार फिर साबित हुआ कि ये लोग कैसे हिंदू हैं। दुर्गा पूजा के दौरान यही लोग ज्ञान देने आते हैं। लोगों ने इनके खिलाफ भारी मतदान किया, लेकिन फिर भी इन्हें समझ में नहीं आ रहा है।

हुमायूं कबीर के बयान पर टिप्पणी करते हुए रितेश तिवारी ने कहा कि कानून अपना कार्य करेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि भारत का कानून लागू किया जाना चाहिए। जो भी इस दिशा में काम करेगा, कानून अपना कार्य करेगा।

भाजपा विधायक तपस रॉय ने कहा कि उच्च न्यायालय का निर्णय उचित है। महुआ मोइत्रा के पास कोई महत्वपूर्ण कार्य नहीं है। उन्हें अपने बारे में सोचना चाहिए। हुमायूं कबीर के कुर्बानी संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार ही कार्य होगा। अवैध कार्य न तो भारत में और न ही पश्चिम बंगाल में किया जाएगा।

भाजपा विधायक पापिया अधिकारी ने कहा कि जिनका त्योहार है, उन्हें किसी ने भी मना नहीं किया। हमारी सरकार ने सिर्फ निश्चित स्थानों पर कुर्बानी की अनुमति दी है।

भाजपा विधायक संजय सिंह ने हुमायूं कबीर के बयान पर कहा कि सभी को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा। यदि किसी कार्य से किसी समुदाय को ठेस पहुँचती है, तो उसका सम्मान करना चाहिए। उन्हें भी अपनी आदतों में परिवर्तन लाना होगा। जिद करने वालों के लिए कानून का पालन होगा।