मुंबई, 23 मई। सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग ने लोगों की ज़िंदगी को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके दुरुपयोग को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं। हालिया दिनों में कई फिल्मी कलाकारों की फर्जी तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित हुए हैं, जिनमें उनके चेहरे और छवियों में बदलाव किया गया है। इसी संदर्भ में अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत की भी नकली तस्वीरों का मामला सामने आया है, जिनका उन्होंने सोशल मीडिया पर कड़ा विरोध किया है। रुक्मिणी ने बताया कि उनकी छवियों के साथ छेड़छाड़ कर एआई की सहायता से बने फोटो पूरी तरह से नकली हैं, और इसे गैरजिम्मेदाराना कृत्य करार दिया।
रुक्मिणी वसंत ने इंस्टाग्राम पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए अपनी चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा, "मेरी टीम और मैंने कुछ तस्वीरें देखी हैं, जिनका उपयोग मेरे नाम से किया जा रहा है। ये तस्वीरें पूरी तरह से झूठी हैं। कृपया ऐसी तस्वीरों पर विश्वास न करें, क्योंकि इनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।"
अभिनेत्री ने आगे कहा, "किसी की तस्वीरों से इस तरह का छेड़छाड़ करना अति निंदनीय है। एआई तकनीक का उपयोग किसी की छवि को नुकसान पहुंचाने या गलत सूचना फैलाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। यह गंभीर रूप से निजता का उल्लंघन है और ये कार्य मानसिक रूप से हानिकारक हैं। लोग बिना सच्चाई जाने ऐसी सामग्री को तेजी से साझा कर देते हैं, जिससे स्थिति और भी बिगड़ जाती है।"
रुक्मिणी ने बताया, "मैं और मेरी टीम इस मामले में कार्रवाई कर रहे हैं। जो लोग इन नकली तस्वीरों के निर्माण और वितरण में शामिल हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और साइबर अपराध के तहत कदम उठाए जा रहे हैं। मैं लोगों से निवेदन करती हूँ कि वे ऐसी तस्वीरों को साझा न करें और न ही उन्हें बढ़ावा दें। गलत जानकारी को फैलाना उतना ही गलत है जितना कि उसे उत्पन्न करना।"
अगर रुक्मिणी वसंत के करियर की बात करें, तो वह दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की एक जानी-मानी हस्ती हैं। फिल्म 'कातांरा' के बाद उनकी लोकप्रियता में अचानक तेजी आई, और दर्शकों ने उनके अभिनय को काफी सराहा है।