रेखा सरकार राजधानी के रजिस्ट्रार ऑफिसों को आधुनिक बनाने का कर रही है प्रयास

रेखा सरकार राजधानी के रजिस्ट्रार ऑफिसों को आधुनिक बनाने का कर रही है प्रयास

नई दिल्ली, 23 मई। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता राजधानी में संपत्ति पंजीकरण व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने वाली हैं।

सीएम का लक्ष्य है कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में कार्य संस्कृति को बदला जाए ताकि नागरिकों को रजिस्ट्रेशन के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या, भ्रष्टाचार या देरी का सामना न करना पड़े। सरकार चाहती है कि रजिस्ट्रार कार्यालय नागरिकों के लिए आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक आधारित और सरल सेवा केंद्र के रूप में विकसित हों, जैसे कि देश में पासपोर्ट सेवा केंद्रों में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि इस पहल के तहत दिल्ली सरकार सबसे उत्कृष्ट प्रणाली विकसित करेगी।

इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने हाल ही में संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की। बैठक में कुछ कंपनियों ने तकनीक आधारित सेवाओं के लाभों पर प्रेजेंटेशन दिया। इसमें बताया गया कि कुछ राज्यों ने नागरिकों को तेज और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने के लिए तकनीकी समाधान, प्रशिक्षित स्टाफ और डिजिटल एकीकरण का इस्तेमाल किया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कई बार विचार-विमर्श किया और निर्णय लिया कि दिल्ली सरकार को भी ऐसे रजिस्ट्रार कार्यालय विकसित करने की आवश्यकता है, जहां नागरिकों को बेहतर सेवाएं और सरकार की आय भी बढ़ सके।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में आने वाले सभी नागरिकों को समय पर, पारदर्शी और सम्मानजनक सेवाएं मिलनी चाहिए। इसके लिए सरकार एक ऐसे मॉडल पर काम कर रही है जिसमें लंबी कतारें, अव्यवस्था और तकनीकी बाधाएं खत्म की जाएं। नया मॉडल नागरिकों को एयरपोर्ट और पासपोर्ट सेवा केंद्रों जैसी सुविधाएं और पेशेवर अनुभव उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इन केंद्रों में एसी प्रतीक्षालय, हेल्प डेस्क, डिजिटल सहायता, प्रशिक्षित स्टाफ, पेयजल, साफ शौचालय, स्मार्ट टोकन प्रणाली और रीयल टाइम एप्लीकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नागरिकों को रजिस्ट्रेशन से जुड़ी सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों में जाने की आवश्यकता न पड़े और अधिकांश प्रक्रियाएं तकनीक के माध्यम से और व्यवस्थित तरीके से पूरी हों।

सीएम ने बताया कि नए ऑफिसों का एक आकर्षक डिज़ाइन होगा जिसमें नवीनतम तकनीक और हार्डवेयर का उपयोग किया जाएगा। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, प्री-चेक सेवाएं और स्मार्ट टोकन प्रणाली का कार्यान्वयन किया जाएगा ताकि लोगों का समय बचाया जा सके और प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी बन सकें। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और सत्यापन के लिए अत्याधुनिक तकनीक पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, आवेदकों की पहचान के लिए एआई आधारित फेस रिकग्निशन, बैकग्राउंड चेक और ब्लॉकचेन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। इस नई व्यवस्था में संपत्ति दस्तावेजों की सुरक्षा, फर्जीवाड़े की रोकथाम और विवादों को कम करने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा। नए प्रीमियम मॉडल रजिस्ट्रार केंद्रों का कानूनी अधिकार और अंतिम निर्णय लेने की शक्ति सरकारी अधिकारियों के पास ही रहेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इन कार्यालयों के लिए अनुभवी और पारदर्शी कंपनियों का चयन किया जाएगा। इससे मौजूदा सब-रजिस्ट्रार ऑफिसों में भीड़ कम होगी और अधिकारी प्रशासनिक कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। नए कार्यालयों के शुरु होने से दलालों और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, जिससे राजस्व चोरी, संपत्ति के गलत मूल्यांकन, दस्तावेजों की ट्रैकिंग में कठिनाई और फर्जी दस्तावेजों के खतरे में कमी आएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का मानना है कि नागरिकों को सरकारी सेवाएं प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए, इसलिए सरकार ऐसे मॉडल पर कार्य कर रही है जो मानव हस्तक्षेप को कम करते हुए अधिकतम प्रक्रियाओं को डिजिटल और ट्रैकिंग आधारित बनाए।