रांची, 22 मई। झारखंड की राजधानी में एसएससी जीडी कांस्टेबल परीक्षा-2026 में ऑनलाइन हैकिंग और कदाचार के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक परीक्षार्थी, ऑनलाइन परीक्षा केंद्र के पर्यवेक्षक, सेंटर अधीक्षक और एक आईटी कर्मचारी सहित चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि सेवाएं चालू रहने के दौरान परीक्षा केंद्र के कंप्यूटर सिस्टम को इंटरनेट तथा आईपी के माध्यम से दूर से एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल कराए जा रहे थे। इस प्रक्रिया के जरिए अभ्यर्थियों से छह लाख से लेकर दस लाख रुपए तक की राशि वसूली जाती थी।
रांची पुलिस के अनुसार, 21 मई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को यह सूचना मिली थी कि टाटीसिलवे थाना क्षेत्र में स्थित जीनियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित जीडी कांस्टेबल परीक्षा के दौरान कंप्यूटर सिस्टम को हैक करने का प्रयास किया जा रहा है।
जानकारी मिलने के बाद, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के आदेश और वरिष्ठ पुलिस उपाधीक्षक अमर कुमार पांडेय के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। उन्होंने छानबीन और छापेमारी का कार्य प्रारंभ किया। जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि परीक्षा केंद्र की लैब-1 में एक परीक्षार्थी का कंप्यूटर परीक्षा शुरू होने से पूर्व ही पर्यवेक्षक के निर्देश से री-स्टार्ट किया गया था।
प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ कि सिस्टम को रिमोटली एक्सेस किया जा रहा था, जिससे स्क्रीन मिररिंग और हैकिंग की आशंका बढ़ गई। पूछताछ में परीक्षार्थी मृत्युंजय कुमार यादव और पर्यवेक्षक संजीत कुमार ने स्वीकार किया कि एक पास के मकान में सेंटर अधीक्षक विकास कुमार और आईटी कर्मी मुन्ना राज ने कंप्यूटर लगाकर ऑनलाइन सिस्टम को हैक किया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विकास कुमार और मुन्ना राज को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन, ब्रॉडबैंड डिवाइस, बैंक चेक और अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र सहित कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई।
पूछताछ में यह जानकारी मिली कि बिहार के बिचौलियों के जरिए परीक्षार्थियों की “सेटिंग” की जा रही थी। परीक्षा पास करवाने के लिए छह से दस लाख रुपये तक की रकम ली जाती थी और कई मामलों में परीक्षार्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी गिरवी रखे जाते थे।
पुलिस का मानना है कि इस पूरे प्रकरण में एक संगठित आपराधिक गिरोह सक्रिय है, जिसके अन्य सदस्यों की पहचान की गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी का कार्य जारी है। गिरफ्तार व्यक्तियों में बिहार के सिवान निवासी परीक्षार्थी मृत्युंजय कुमार यादव, नालंदा के पर्यवेक्षक संजीत कुमार, नालंदा के सेंटर अधीक्षक विकास कुमार और पटना के आईटी कर्मी मुन्ना राज शामिल हैं।
इस मामले में टाटीसिलवे थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।