चंडीगढ़, 20 मई। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बुधवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का स्वागत किया और अंबाला-चंडीगढ़ रेलवे खंड पर बलताना में लेवल क्रॉसिंग नंबर 123 पर बन रहे पुल के शिलान्यास समारोह में भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया।
राज्यपाल कटारिया ने सभा के दौरान कहा कि भारतीय रेलवे देश में 'विविधता में एकता' के भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे के माध्यम से विभिन्न राज्यों के लोग दूरदराज के इलाकों की यात्रा करते हैं, जिससे वे विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और जीवनशैलियों से परिचित होते हैं। रेल यात्रा केवल परिवहन का साधन नहीं है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विविधता का अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण जरिया भी है।
कटारिया ने यह भी बताया कि भारतीय रेलवे नागरिकों को एकजुट करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि रेलवे एक पुल का कार्य करता है, जो विभिन्न राज्यों के विशेष व्यंजनों, पहनावे, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को समझने में मदद करता है।
राज्यपाल ने इस बात की पुष्टि की कि भारतीय रेलवे का राष्ट्र निर्माण में योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि यह देश के सबसे बड़े नेटवर्क के रूप में उभरकर, सार्वजनिक संपर्क और सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देते हुए राष्ट्रीय एकता को मजबूत कर रहा है।
संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने कहा कि राजस्थान जैसे बड़े राज्य से आने वाले राज्यपाल कटारिया रेल परिवहन के महत्व को बखूबी समझते हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान देश के विशालतम राज्यों में से एक है और इसका रेलवे नेटवर्क बहुत विस्तृत है। राज्यपाल को इस बात का पता है कि रेलवे संपर्क कैसे लोगों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव डालता है और क्षेत्रीय विकास में सहायता करता है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए समय निकालने और सहयोग देने के लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।
रोड अंडर ब्रिज परियोजना की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने बताया कि इसकी लागत 12 करोड़ रुपए है।
यह परियोजना भारतीय रेलवे और चंडीगढ़ प्रशासन के बीच 50:50 की लागत-साझेदारी पर आधारित है।