जयपुर, 22 मई। राजस्थान हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वे 31 जुलाई तक पंचायत और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव संपन्न कराएं। कोर्ट ने सरकार के उस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, जिसमें चुनाव दिसंबर तक टालने का अनुरोध किया गया था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा के नेतृत्व वाली डिवीजन बेंच ने ओबीसी कमीशन को यह निर्देश भी दिया कि वह चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए 20 जून तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। यह फैसला तब आया जब कोर्ट ने 11 मई को इस मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था।
इससे पहले, 14 नवंबर, 2025 को 439 याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देशित किया था कि वह 15 अप्रैल, 2026 तक पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को संपन्न करे। हालांकि, निर्धारित समय के भीतर चुनाव न कर पाने के बाद सरकार ने समय सीमा बढ़ाने की याचिका के साथ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सुनवाई के क्रम में राज्य सरकार ने कहा कि ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इसके अलावा, चुनाव में देरी के पीछे प्रशासनिक जटिलताओं को बताया गया, जिसमें स्कूलों, कर्मचारियों, ईवीएम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की उपलब्धता शामिल थी।
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिरिराज सिंह देवंदा ने सरकार की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर चुनावों में लगभग डेढ़ साल से देरी करवा रही है। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि चुनावों को बार-बार टालने से स्थानीय लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति कमजोर हो रही है।
राज्य सरकार ने यह भी बताया कि कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल सितंबर से दिसंबर के बीच समाप्त होने वाला है। सरकार का तर्क था कि इन कार्यकालों के खत्म होने के बाद सभी चुनाव एक साथ कराने से 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का सिद्धांत मजबूत होगा।
सरकार ने अपने आवेदन में कहा कि हाई कोर्ट के पूर्व आदेशों का पालन करने के लिए सभी प्रयास किए गए, किंतु वर्तमान परिस्थितियों में 15 अप्रैल तक चुनाव कराना संभव नहीं था। राजस्थान राज्य चुनाव आयोग ने भी अदालत के सामने सरकार के समर्थन में अपनी बात रखी।
आयोग ने कहा कि ओबीसी आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को अंतिम रूप दिए बिना चुनाव नहीं कराए जा सकते और इसके लिए और समय की आवश्यकता है। इन तर्कों के बावजूद, हाई कोर्ट ने चुनावों को 31 जुलाई तक संपन्न कराने का आदेश दिया और ओबीसी कमीशन को 20 जून तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा।