राजनाथ सिंह: भारत बनेगा रक्षा उत्पाद का प्रमुख निर्यातक

राजनाथ सिंह: भारत बनेगा रक्षा उत्पाद का प्रमुख निर्यातक

नई दिल्ली, 23 मई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि अगले 20 से 25 वर्षों में भारत वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े रक्षा उत्पाद निर्यातक के रूप में उभरेगा और इस प्रक्रिया को कोई बाधित नहीं कर सकता। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्तमान में भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। महाराष्ट्र के शिरडी में साईंबाबा धाम में आयोजित एक दो दिवसीय कार्यक्रम में मंत्री ने निबे ग्रुप के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स और आर्टिलरी शेल प्रोडक्शन प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान भी मौजूद थे।

राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भविष्य के युद्धों में निर्णायक तत्व सैनिकों की संख्या नहीं, बल्कि उन्नत तकनीक, क्षमता और हथियारों का स्तर होगा। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में हो रहे संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया ने इनसे सबक लिया है। भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के समय अपनी सैन्य शक्ति को प्रदर्शित किया था।

आधुनिकता के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत ने रक्षा क्षेत्र में भौमि से लेकर आकाश और अंतरिक्ष तक, तोप के गोले से लेकर उपग्रहों तक, अत्यधिक प्रगति की है। राजनाथ सिंह ने निजी क्षेत्रों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय कंपनियां भविष्य के युद्धों की आवश्यकताओं को समझ रही हैं। आने वाले समय में निजी क्षेत्रों को भारत की युद्धक क्षमताओं को और अधिक सशक्त करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भारत अपनी सामरिक शक्ति के माध्यम से वैश्विक शांति में महत्वपूर्ण योगदान देने जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने कभी आक्रमण नहीं किया, लेकिन हर हमलावर को देश से बाहर खदेड़ने में सफल रहा है।

फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र ने इन्हें पूरी तरह से अपनाया है और अब भारत बड़े पैमाने पर रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है।

फडणवीस ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का उदाहरण देते हुए बताया कि उस दौरान भारतीय सेना की सटीक कार्रवाई ने पूरी दुनिया को चकित कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने मित्र देशों की सहायता से ड्रोन प्राप्त किए, लेकिन वह भारत की भूमि पर कोई मिसाइल या ड्रोन गिराने में असफल रहा।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नासिक, पुणे, नागपुर और अहिल्यानगर में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जिसका कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पहले ही रक्षा उत्पादन में अव्‍वल है और आगे भी इसे और प्रगति करनी है।

निबे ग्रुप के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक गणेश रमेश निबे ने कहा कि यह केवल निबे ग्रुप के लिए नहीं, बल्कि भारत के आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और नई पीढ़ी के इंजीनियरों और नवाचारकर्ताओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।