राजा कंसा पासी किला विवाद: संतों ने पासी समाज के समर्थन में जताई एकजुटता

राजा कंसा पासी किला विवाद: संतों ने पासी समाज के समर्थन में जताई एकजुटता

अयोध्या, 25 मई। लखनऊ के मलिहाबाद में पासी किला के मुद्दे पर संतों की प्रतिक्रिया सामने आई है। जगतगुरु परमहंस आचार्य ने एक साक्षात्कार में कहा कि पासी समाज ने अपने अधिकारों की मांग की है। भारत की वेदों और पुराणों में मौजूद वैदिक संस्कृति से यह समाज कई सदियों पहले से मौजूद है। संत समाज पासी समाज के साथ खड़ा है और उनके लिए हम सब कुछ अर्पित करने के लिए तत्पर हैं।

परमहंस आचार्य ने कहा कि पासी समाज की मांग देशभर में सुनी जानी चाहिए। उनकी ओर से उठाई गई हर बात बिल्कुल सही है और इसके समर्थन में ठोस साक्ष्य भी मौजूद हैं। मुझे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है कि वे पासी समाज की मांग पर गौर करेंगे। वहां नमाज पढ़ने की प्रथा को समाप्त किया जाना चाहिए, जिससे पासी समाज को दबाने या अपमानित करने का सिलसिला बंद हो सके। वहां पासी समाज के अधिकारों की मान्यता होनी चाहिए और उनकी पूजा अर्चना की जाएगी।

परमहंस आचार्य ने यह भी कहा कि यह एक महत्वपूर्ण संघर्ष है। यह केवल मुख्यमंत्री को पत्र लिखने तक सीमित नहीं है; हम सभी सनातनी पासी समाज के साथ खड़े हैं। पासी समाज के लिए हमने संपूर्ण देश का समर्थन हासिल किया है। यदि वहां कोई व्यक्ति नमाज पढ़ने जाता है, तो हम उसके खिलाफ खड़े रहेंगे और अपने प्राणों की परवाह नहीं करेंगे, लेकिन पासी समाज का अपमान सहन नहीं करेंगे।

इस बीच, ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश त्रिपाठी ने बताया कि लखनऊ हमेशा से पासी समाज का क्षेत्र रहा है, जहां कई पासी राजा हुए थे। पासी किले के कई अवशेष अभी भी मौजूद हैं। किसी की व्यक्तिगत संपत्ति पर धार्मिक क्रियाकलाप नहीं होना चाहिए।

साकेत भवन मंदिर अयोध्या के महंत सीता राम दास ने कहा कि मलिहाबाद की घटना पासी समाज की जागरूकता का प्रतीक है। सभी हिंदुओं को अपनी विरासत और संस्कृति की रक्षा के लिए जागरूक होना चाहिए। पिछले समय में कुछ सरकारों के कारण जागरूकता में कमी आई थी, लेकिन अब लोग सचेत हो चुके हैं।

महंत सीताराम दास ने कहा कि हमें अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में अर्जुन को यही उपदेश दिया था कि हमें अपनी संस्कृति और राष्ट्र के लिए कार्य करना चाहिए। पासी समाज की यह लड़ाई उनके अस्तित्व की लड़ाई है।