रायबरेली, 20 मई। कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने लोधवारी गांव में आयोजित 'बहुजन स्वाभिमान सभा' के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। उन्होंने दोनों नेताओं को गद्दार बताते हुए उन पर देश को बेचने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश आर्थिक संकट के मुहाने पर खड़ा है और संविधान के मूल सिद्धांतों को कमजोर किया जा रहा है। सभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में देश को गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय हालात और केंद्र की नीतियों का आम जनता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिससे महंगाई में वृद्धि होगी। पेट्रोल, डीजल, गैस के साथ ही चावल और दाल जैसी आवश्यक चीजों की कीमतें भी बढ़ेंगी।
राहुल गांधी ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री लोगों को सोना ना खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की सलाह देते हैं, जबकि शासन में बैठे लोग खुद आलीशान विमानों से विदेश यात्रा करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसानों को खाद जैसे महत्वपूर्ण सामग्रियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। राहुल ने संविधान की अहमियत को रेखांकित करते हुए इसे देश की जनता की आवाज और अधिकारों का प्रतीक बताया।
उन्होंने लोगों से संविधान की रक्षा के लिए सजग रहने की अपील की और आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा इसके मूल सिद्धांतों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। सभा में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री शाह और आरएसएस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि देश की मौजूदा स्थिति के लिए इन्हीं का हाथ है।
राहुल गांधी ने कहा कि यदि आर्थिक संकट आता है तो केंद्र सरकार जनता को राहत प्रदान करने में असमर्थ साबित होगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कोविड-19 महामारी और नोटबंदी के दौरान सरकार की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों की तरह भविष्य में भी जनता कठिनाइयों का सामना कर सकती है। राहुल गांधी 19 मई को रायबरेली के अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे और बुधवार को अमेठी में संजय गांधी अस्पताल जाकर मरीजों से मिले।