प्रो रेसलिंग लीग के सितारे दा नांग में एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे

प्रो रेसलिंग लीग के सितारे दा नांग में एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे

नई दिल्ली, 22 मई। प्रो रेसलिंग लीग का भारतीय कुश्ती पर बढ़ता प्रभाव 23 से 31 मई के बीच वियतनाम के दा नांग में होने वाली अंडर-17 और अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में स्पष्ट दिखाई देगा। इस आयोजन में चंद्रमोहन, सचिन मोर, नेहा और काजल जैसे पहलवान भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

प्रो रेसलिंग लीग 2026 के कई पहलवान इस भारतीय टीम का हिस्सा हैं, लेकिन इन चार पहलवानों पर विशेष ध्यान होगा। यह इस बात का संकेत है कि यह लीग भारत की युवा कुश्ती प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उनके विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरी है।

अंडर-23 पुरुषों की फ्रीस्टाइल श्रेणी में, मौजूदा चैंपियन चंद्रमोहन 79 किलोग्राम में प्रतिस्पर्धा करेंगे, जबकि सचिन मोर 86 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। सचिन, हरियाणा थंडर के सदस्य हैं और उन्होंने प्रो रेसलिंग लीग में फ्रेंचाइजी का खिताब जीतने के अभियान में भाग लिया था।

महिला अंडर-23 टीम में हरियाणा थंडर की पहलवान नेहा (59 किलोग्राम) और काजल (76 किलोग्राम) शामिल हैं, जो प्रो रेसलिंग लीग का मजबूत प्रतिनिधित्व करती हैं। ये दोनों पहलवान फ्रेंचाइजी के सफल अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं।

नेहा इस चैंपियनशिप में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ उतर रही हैं, क्योंकि उन्होंने पहले अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक और अंडर-17 एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण भी जीता है। वहीं, काजल ने खुद को भारत की सबसे प्रतिभाशाली पहलवानों में से एक के रूप में स्थापित किया है और वे वर्तमान अंडर-20 विश्व चैंपियन, अंडर-17 विश्व चैंपियन और अंडर-20 एशियाई चैंपियन हैं।

इन पहलवानों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि पीडब्ल्यूएएल भारतीय कुश्ती के ढांचे को मजबूत करने में लगातार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जो केवल एक फ्रेंचाइजी लीग से कहीं अधिक है। पीडब्ल्यूएएल ने युवा पहलवानों को विश्व स्तर के रेसलिंग सितारों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और ट्रेनिंग के अनुभव साझा करने का अद्भुत अवसर प्रदान किया है। इस प्रकार के अनुभव ने भारतीय पहलवानों के आत्मविश्वास और कुश्ती की तकनीक को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

पीडब्ल्यूएएल के सीईओ और प्रमोटर अखिल गुप्ता ने इस लीग के दीर्घकालिक उद्देश्यों को स्पष्ट किया है। उनका उद्देश्य एक टिकाऊ पेशेवर पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है, जो भारतीय रेसलिंग के विकास में सहायक हो और उभरती प्रतिभाओं को समर्थन प्रदान करे।