मुंबई, 23 मई। शिवसेना (यूबीटी) की प्रवक्ता और पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों के मामले को लेकर कहा कि राज्य की सरकार को जनता के साथ किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस मुद्दे पर जो आश्वासन दिए थे, उन्हें अब तक नहीं निभाया गया है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अभी तक पूरी कैबिनेट का गठन भी नहीं हो पाया है, और सिर्फ 'घुसपैठिए' जैसे शब्दों का प्रयोग करना सरल है, लेकिन ठोस कार्रवाई का कहीं भी अता-पता नहीं है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने उत्तर प्रदेश में 31 हजार से अधिक वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण रद्द होने के बारे में भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इन संपत्तियों के रद्द होने का स्पष्ट कारण और आधार जनता के समक्ष आना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि जब वक्फ संशोधन विधेयक संसद में पेश किया गया था, तब उनकी पार्टी ने मांगा था कि इस पर विस्तृत चर्चा के लिए चयन या स्थायी समिति के पास भेजा जाए, ताकि सभी पक्षों से विचार-विमर्श हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण रद्द करने का कारण अब तक स्पष्ट नहीं किया गया है। प्रियंका चतुर्वेदी ने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले में पारदर्शिता बरतेगी और स्थिति को सार्वजनिक करेगी। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार इन मामलों में प्रमाणन की प्रक्रिया जरूरी थी।
प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह द्वारा आम आदमी पार्टी पर राज्यसभा टिकट 'बेचने' के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हरभजन एक प्रसिद्ध क्रिकेटर हैं और संन्यास के बाद भी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय हैं। हरभजन पहले आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद थे और हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं, जिससे इस तरह के आरोप उनके राजनीतिक बदलाव का बचाव करते दिखते हैं।
उन्होंने बताया कि यह संभव है कि भाजपा की ओर से उन पर ऐसे आरोप लगाने का दबाव हो। प्रियंका ने कहा कि अगर सच में सीटों की खरीद-फरोख्त हुई है, तो हरभजन को अपनी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया पर हुई बहस के आधार पर सामान्यीकरण करना उचित नहीं है, क्योंकि राजनीति में गंभीर आरोप तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित होने चाहिए।
प्रियंका चतुर्वेदी ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' की बात करते हुए कहा कि भाजपा को यह समझ आ गया है कि नई युवा पीढ़ी अब इस पार्टी से असंतुष्ट है। उन्होंने दावा किया कि नीट पेपर लीक, सीबीएसई में कथित धोखाधड़ी और यूजीसी की नई गाइडलाइंस जैसे मुद्दों ने युवाओं को गहराई तक प्रभावित किया है। साथ ही, बेरोजगारी की समस्या भी लगातार बढ़ रही है, जिससे युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से देश में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है।
जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने बेरोजगार युवाओं के संबंध में 'कॉकरोच' वाली टिप्पणी की थी, तो युवाओं की नाराजगी स्वाभाविक है। प्रियंका ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है और सरकार को उनकी समस्याओं के समाधान पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।