प्रयागराज, 21 मई। स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में डॉक्टरों और वकीलों के बीच हुए विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है। अस्पताल में हुई झड़पों के बाद पुलिस ने डॉक्टरों पर मामला दर्ज किया, लेकिन वकीलों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने से डॉक्टरों में असंतोष गहरा गया है। इसी के चलते, प्रयागराज के डॉक्टरों ने शुक्रवार सुबह 8 बजे से 24 घंटे की हड़ताल करने का निर्णय लिया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल सकता है। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की बैठक के बाद डॉक्टरों ने बताया कि स्वरूपरानी अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों के बीच झगड़ा हुआ था। उनका आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की और केवल डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। जबकि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनमें असुरक्षा का भाव पनप रहा है。
डॉ. एके मिश्रा ने कहा कि डॉक्टर्स ने घटना की निंदा की है और शहर में बढ़ती अराजकता के खिलाफ आवाज उठाई है। उनका कहना है कि अगर किसी घटना में दोनों पक्ष शामिल हैं, तो दोनों की बातें सुनी जानी चाहिए और निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि अभी तक उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, इसलिए वे विरोध स्वरूप हड़ताल पर जा रहे हैं। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो यह आंदोलन लम्बा चल सकता है।
डॉ. कमल सिंह ने बताया कि इस हड़ताल में सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों के डॉक्टर शामिल होंगे। इसके साथ ही डायग्नोस्टिक सेंटर भी बंद रह सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर केवल यही चाहते हैं कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन डॉक्टरों की शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
डॉक्टरों ने प्रशासन को शुक्रवार सुबह 8 बजे तक का समय दिया है। उनका कहना है कि यदि तब तक उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई, तो 24 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैल सकता है। डॉक्टर संगठनों का कहना है कि किसी भी पक्ष पर दबाव में कार्रवाई नहीं होनी चाहिए और दोषियों को बचाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।