बाराबंकी, 21 मई। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी के प्रगतिशील किसान और पद्मश्री से सम्मानित रामसरन वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा 2026 का प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’ प्रदान किए जाने की खुशी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह सम्मान देश के किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और भारत की कृषि नीतियों के लिए है।
रामसरन वर्मा ने एक वार्ता के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय कृषि को एक नया मार्गदर्शन मिला है। उन्होंने उल्लेख किया कि मिलेट्स (मोटे अनाज) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने, डिजिटल कृषि के ढांचे को मजबूत करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों से किसानों को बड़ा लाभ प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में भारत की कृषि नीति किसान-केंद्रित और नवाचार पर आधारित हो गई है, जिसके कारण दुनिया भारत की कृषि प्रणालियों और प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता की सराहना कर रही है।
यह सम्मान इटली में बुधवार को एफएओ के महानिदेशक क्यू डोंग्यू द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को किसानों के कल्याण, खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने, कृषि उत्पादकता में वृद्धि और गरीबी समाप्ति में योगदान के लिए दिया गया।
उन्होंने भारत की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रशंसा की, यह बताते हुए कि देश में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है और 11 करोड़ से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि के माध्यम से प्रत्यक्ष आय सहायता मिल रही है।
एफएओ के प्रमुख ने भारत द्वारा प्राकृतिक और पुनर्योजी खेती को बढ़ावा देने की पहलों की भी प्रशंसा की। इसके साथ ही, उन्होंने पोषण से भरपूर मिलेट्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने में भारत के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
एफएओ महानिदेशक ने प्राकृतिक और टिकाऊ खेती के लिए भारत के प्रयासों की भी सराहना की और 'इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स' के जरिए पौष्टिक मोटे अनाज को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की पहल की प्रशंसा की।