पिथौरागढ़, 23 मई। उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के जिला प्रशासन की नई पहल 'हेलो हेल्पलाइन' का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इस सेवा के आरंभ होने के बाद, दूरदराज में रहने वाले नागरिकों को अपनी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने की जरूरत नहीं पड़ रही। अब लोग फोन पर अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं और प्रशासन भी इसके समाधान में तेजी दिखा रहा है।
हाल ही में जिलाधिकारी ने कलेक्टर कार्यालय में 'हेलो हेल्प लाइन डेस्क' की स्थापना की थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ गांवों के निवासियों को राहत प्रदान करना है। पहले, लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए लंबी दूरी तय कर कार्यालय आना पड़ता था, जिससे समय और धन की बर्बादी होती थी।
प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों के कारण लोग अतिरिक्त वित्तीय भार से जूझ रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन ने यह नई व्यवस्था स्थापित की है जिससे लोग बिना कार्यालय आए फोन के जरिए अपनी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचा सकें।
हैलो हेल्पलाइन डेस्क की एक विशेषता यह है कि इसकी निगरानी खुद जिलाधिकारी कर रहे हैं। इससे शिकायतों के निपटारे में तेजी आई है और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जिम्मेदारी को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
हेल्पलाइन के शुभारंभ के बाद से, लोगों ने इस सुविधा का उपयोग करना प्रारंभ कर दिया है। अब तक लगभग 143 शिकायतें हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त की गई हैं, जिनमें से 100 से अधिक का समाधान किया जा चुका है, जबकि बाकी शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा कार्यवाही जारी है। प्रशासन का कहना है कि लंबित मामलों का भी शीघ्र समाधान किया जाएगा।
जिला प्रशासन की इस पहल को नागरिकों द्वारा सराहा जा रहा है। इससे न केवल लोगों का समय और धन बच रहा है, बल्कि दूरदराज के नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद भी मजबूत हो रहा है।