नई दिल्ली, 22 मई। मासिक धर्म एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है जो महिलाओं के लिए होती है, लेकिन इसकी अवधि में स्वच्छता की अनदेखी से कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लापरवाही के कारण संक्रमण, गंभीर पेट दर्द, त्वचा की समस्याएं और बुखार जैसी तकलीफें बढ़ सकती हैं। कुछ स्थितियों में यह स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित भी कर सकता है। उचित स्वच्छता और नियमित देखभाल से पीरियड्स के दौरान इन समस्याओं से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि यह न केवल एक महिला की जिम्मेदारी है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ में, नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) बताता है कि पीरियड्स के दौरान मुख्य तीन बातों का ध्यान रखकर कई प्रकार के संक्रमण और अन्य बीमारियों से बचा जा सकता है।
इन तीन बातों का पालन करके महिलाएं स्वस्थ रह सकती हैं और गंभीर बीमारियों जैसे यूटीआई, पेल्विक इंफेक्शन आदि से भी बचाव कर सकती हैं। महिलाओं को चाहिए कि वे मासिक धर्म के विषय में खुलकर बातचीत करें और युवा लड़कियों को सही जानकारी प्रदान करें। सरकार और स्वास्थ्य संगठनों द्वारा मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
स्वच्छ और सुरक्षित सैनिटरी उत्पादों का प्रयोग करें: पीरियड्स के दौरान हमेशा उच्च गुणवत्ता वाले सैनिटरी पैड, टैम्पून या पीरियड कप का इस्तेमाल करें। बाजार में उपलब्ध सस्ते और अज्ञात ब्रांड के उत्पादों से बचना चाहिए क्योंकि ये संक्रमण का कारण बन सकते हैं। ऐसे ब्रांड का चयन करें जो प्रमाणित और त्वचा के अनुकूल हों।
समय-समय पर सैनिटरी पैड बदलना: एक पैड को चार से छह घंटे से अधिक न लगाएं। गर्म मौसम में इस अवधि को और कम करना चाहिए। एक ही पैड का लंबे समय तक उपयोग करने से बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं। नियमित बदलाव से जलन और खुजली जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान दें: पीरियड्स के दौरान दिन में दो से तीन बार साफ पानी से निजी अंगों को धोएं। हमेशा आगे से पीछे की ओर साफ करें ताकि बैक्टीरिया अंदर न जाएं। तंग कपड़े पहनने से परहेज करें और सूती अंडरगारमेंट्स का प्रयोग करें। अपने हाथों को अच्छे से धोकर साफ रखें।