पीएम मोदी के मार्गदर्शन में टियर-2 और 3 शहरों में स्टार्टअप्स का विकास: केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे

पीएम मोदी के मार्गदर्शन में टियर-2 और 3 शहरों में स्टार्टअप्स का विकास: केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे

इंदौर, 20 मई। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व शैली के कारण स्टार्टअप इकोसिस्टम टियर-2 और 3 शहरों तक पहुंच गया है, और अब देश में स्टार्टअप की संख्या दो लाख से भी अधिक हो गई है। ब्रिक्स यूथ एंटरप्रेन्योरशिप वर्किंग ग्रुप की मीटिंग 2026 के दौरान आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार, केंद्र सरकार ने स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं, जिससे देश में एक समग्र स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास हुआ है, जिसका लाभ बड़े शहरों से बाहर भी मिल रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बार जब सम्मेलन हुआ था, तो भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के अनुभवों को सभी ब्रिक्स देशों के बीच साझा करने पर सहमति बनी थी, और इसी संदर्भ में ब्रिक्स यूथ एंटरप्रेन्योरशिप वर्किंग ग्रुप मीटिंग 2026 का आयोजन किया गया है, जिससे सभी देशों को लाभ होगा।

खडसे ने कहा कि यह बैठक दो दिन चलने वाली है, जो आज से शुरू हुई है। इसमें कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, हालांकि मध्य पूर्व में संकट के कारण कुछ लोग वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे।

पिछले हफ्ते, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में 20 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 'ब्रिक्स-20: मजबूती, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण' विषय पर आधारित यह सत्र ब्रिक्स के सदस्य देशों के साथ-साथ भागीदारी वाले देशों को भी एक मंच पर लाने का काम करता है।

एस. जयशंकर ने आगे कहा कि पिछले 20 वर्षों के अनुभवों के आधार पर, हम आज सहयोग की प्रकृति और भविष्य की दिशा पर चर्चा कर रहे हैं। भागीदार देशों की उपस्थिति ने हमारे सामूहिक प्रयासों को अधिक मजबूत किया है और आपसी संबंधों को गहरा किया है। हम अपनी सामूहिक ताकत का प्रभावी उपयोग करके ब्रिक्स को और मजबूत, तेज और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप बना सकते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि समय के साथ ब्रिक्स का दायरा और महत्व दोनों ही बढ़े हैं, जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों की इच्छा को दर्शाता है कि वे एक अधिक संतुलित और समावेशी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की चाह रखते हैं। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार, ब्रिक्स ने अपने एजेंडे और सदस्यता का विस्तार किया है, लेकिन इसका ध्यान हमेशा लोगों के विकास और व्यावहारिक सहयोग पर केंद्रित रहा है।