फिरोजपुर, 20 मई। पंजाब पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग खुफिया मिशनों में एक विशाल नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस दौरान, पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल तीन प्रमुख संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे 2 किलोग्राम आइस (मेथाम्फेटामाइन), 10.125 किलोग्राम हेरोइन और एक .30 बोर की पिस्तौल के साथ कारतूस भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि दोनों मिशन खुफिया सूचनाओं पर आधारित थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान एक संगठित गिरोह के सक्रिय सदस्य के रूप में हुई है, जो नशे के सामान की सप्लाई में संलग्न थे। इनसे मिली नशीली दवाओं की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर ली हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये आरोपी काफी समय से पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी में संलग्न थे। ये न केवल स्थानीय रूप से ड्रग्स का कारोबार करते थे, बल्कि एक विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से इसकी आपूर्ति भी करते थे। पुलिस की टीमें अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं। उन्हें 'बैकवर्ड लिंकेज' यानी नशीले पदार्थों के स्रोत और आपूर्ति करने वालों की पहचान करने तथा 'फॉरवर्ड लिंकेज' यानी इन ड्रग्स को आगे वितरण करने वाले अन्य व्यक्तियों को पकड़ने का कार्य सौंपा गया है।
पंजाब पुलिस ने इस सफलता को राज्य को ड्रग्स-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना है। पुलिस का कहना है कि वे नशीले पदार्थों से जुड़े सभी आपराधिक नेटवर्कों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। ऐसे ऑपरेशनों से न केवल बड़े पैमाने पर ड्रग्स की आपूर्ति में कमी आएगी बल्कि युवाओं को नशे की लत से बचाने भी मदद मिलेगी।
यह कार्रवाई उस समय की गई है जब पंजाब सरकार और पुलिस नशीला पदार्थों की तस्करी पर निरंतर सख्ती बरत रही हैं। पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की नशीले पदार्थों की तस्करी या सप्लाई की जानकारी हो तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। जानकारी गुमनाम रूप से भी दी जा सकती है।
पंजाब पुलिस का उद्देश्य स्पष्ट है - एक सुरक्षित और नशा-मुक्त पंजाब बनाना, जहां युवा स्वस्थ और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकें। ऐसी सफलताएँ इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मजबूत कदम साबित हो रही हैं।