चंडीगढ़, 25 मई। सोमवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में एक बार फिर वृद्धि हुई है। पेट्रोल के दामों में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। यह पिछले 10 दिनों में चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। इस बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और इसे आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए एक अतिरिक्त बोझ बताया है।
झज्जर में कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि को चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि चौथी बार दामों में वृद्धि हुई है, जिससे महंगाई और भी बढ़ी है। इसके परिणामस्वरूप किसानों और आम लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। गीता भुक्कल ने इस बात पर भी चिंता जताई कि चंडीगढ़ में ईंधन की उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जबकि निर्धारित मात्रा का सही से वितरण नहीं हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि खाद्य वस्तुओं से लेकर रेस्टोरेंट तक की लागत में वृद्धि हो रही है, जिसका प्रभाव सामाजिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। कई स्थानों पर लंगर लगाने वाले लोगों को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की और कहा कि सिर्फ साइकिल चलाकर प्रदर्शन करने से स्थिति नहीं सुधरेगी। सरकार 'वर्क फ्रॉम होम' की बात करती है, लेकिन डिलीवरी और परिवहन से जुड़े लोग ऐसा नहीं कर सकते, इसलिए सरकार को उनकी कठिनाइयों का भी ख्याल रखना चाहिए।
दूसरी ओर, रोहतक में आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि पिछले 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग 7.5 रुपए बढ़ चुके हैं। उन्होंने यह आरोप लगाया कि सरकार प्रतिदिन मामूली बढ़ोतरी करके आम जनता पर बोझ डाल रही है। अनुराग ढांडा ने चेतावनी दी कि यदि यही सिलसिला जारी रहा, तो पेट्रोल का मूल्य 150 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकता है, जिससे आम लोगों के लिए वाहन चलाना कठिन हो जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि गरीब बाइक सवार पेट्रोल नहीं भरवा पाएंगे और ऑटो व ट्रक ड्राइवर भी परेशान हैं। उनके मुताबिक, बढ़ती ईंधन की कीमतों का व्यापार और रोजमर्रा की लागत पर स्पष्ट प्रभाव पड़ रहा है, जिससे आम जनता की आर्थिक मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।