नई दिल्ली, 22 मई। नीट पेपर लीक पर एनटीए प्रमुख द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने कहा कि असल में पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि सवाल बाहर निकल आया है। उन्होंने ये भी कहा कि जब 2024 में पेपर लीक हुआ तो मामला सीबीआई तक पहुंचा था और सीबीआई ने जांच में देरी करते हुए अदालत से समय मांगा, जिस पर अदालत ने उन्हें डांटा भी था। इस कहानी का दोहराव हो रहा है, जबकि एक पूरी पीढ़ी का आज का भविष्य अंधकार में है।
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक पर पवन खेड़ा ने कहा कि इससे पहले भी इस तरह की घटना 4 जून 2025 को हुई थी और एक साल बाद फिर से कैबिनेट की बैठक बुलाई गई। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जो मंत्री बेरोजगार महसूस करते थे, उन्हें कुछ समय के लिए काम मिला है।
पवन खेड़ा ने यह भी सवाल उठाया कि 2047 की पीढ़ी जब सवाल पूछेगी, तो वे किससे पूछेंगी। आज के मुद्दों के उत्तर कौन देगा? बेरोजगारी, भूख, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, खाद्य संकट और किसानों की समस्याओं के बारे में कौन जवाब देगा।
बकरीद पर दिल्ली सरकार द्वारा जारी किए गए कुर्बानी के दिशानिर्देशों पर पवन खेड़ा ने कहा कि पहले से ही नियम मौजूद हैं, तो ऐसे नए दिशानिर्देश क्यों बनाए जा रहे हैं? दिल्ली में ऊंट और गाय की कुर्बानी तो नहीं होती। असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह सब किया जा रहा है। हर बकरीद पर इसी तरह के दिशानिर्देश जारी होते हैं।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने बकरीद को लेकर सख्त नियम जारी किए हैं। मंत्री कपिल मिश्रा ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर एक वीडियो के माध्यम से इन नियमों की जानकारी दी और बताया कि किसी भी उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि बकरीद के दिन गोवंश, गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पूरी तरह से गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।