पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार बम धमकी का मास्टरमाइंड, अमृतसर पुलिस की बड़ी सफलता

पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार बम धमकी का मास्टरमाइंड, अमृतसर पुलिस की बड़ी सफलता

अमृतसर, 21 मई। कमिश्नरेट पुलिस ने अंतरराज्यीय बम धमकी देने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पश्चिम बंगाल के एक प्रमुख संदिग्ध को पकड़ लिया है। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी विभिन्न राज्यों के स्कूलों और अन्य संवेदनशील संस्थानों को बम धमकी वाले ईमेल भेजने में शामिल था।

पुलिस ने बताया कि इन धमकियों का उद्देश्य जनता में भय फैलाना और सार्वजनिक शांति के साथ देश की सुरक्षा को खतरे में डालना था। आरोपी साइबर अपराधियों को गुमनाम डिजिटल उपकरण और ईमेल अकाउंट देने का कार्य करता था, जिनका उपयोग धमकी भरे संदेश भेजने के लिए किया जाता था।

इस मामले में अमृतसर साइबर क्राइम थाने में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कई मामले दर्ज किए गए थे।

पुलिस के अनुसार, तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रेस के आधार पर आरोपी को पश्चिम बंगाल में खोजा गया। जांच में यह भी सामने आया कि गुजरात पुलिस ने भी आरोपी का नाम एक समान मामले में लिया था।

तकनीकी जांच से यह पता चला कि उस व्यक्ति के ईमेल अकाउंट्स से अमृतसर समेत देश के अलग-अलग स्थानों पर धमकी भरे संदेश भेजे गए थे।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फेसबुक ग्रुप्स के जरिए ईमेल अकाउंट्स की खरीद-फरोख्त करता था। उसने ऑनलाइन माध्यम से अनजान लोगों से करीब 300 ईमेल अकाउंट्स खरीदे, जिनमें से 219 ईमेल अकाउंट्स बाद में एक व्यक्ति को बांग्लादेश में बेच दिए गए।

पुलिस ने बताया कि इन अकाउंट्स की लेन-देन क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से हुई थी। आगे की जांच में यह सामने आया कि ये ईमेल अकाउंट्स पाकिस्तान में बैठे लोगों तक पहुंचाए गए थे, जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें बम धमकी वाले ईमेल और अन्य अवैध साइबर गतिविधियों में इस्तेमाल किया।

बांग्लादेश के संबंध में विभिन्न एजेंसियां भी जांच कर रही हैं।

पुलिस ने आरोपी के पास से 3 CPU, 5 कंप्यूटर हार्ड डिस्क, 3 मोबाइल फोन, एक इंटरनेट राउटर, पासवर्ड और रिकवरी डिटेल्स सहित 300 से अधिक ईमेल आईडी और 15 हॉटमेल अकाउंट बरामद किए हैं।

गिरफ्तार किए गए संदिग्ध की पहचान सौरव बिस्वास उर्फ माइकल (30) के रूप में हुई है। वह 12वीं कक्षा तक पढ़ा है और पेशे से ग्राफिक डिजाइनर बताया गया है।