भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। शुक्रवार को खेले गए फाइनल में परवीन ने चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से मात दी। मुकाबला आखिरी राउंड तक बेहद करीबी रहा, लेकिन निर्णायक क्षणों में भारतीय मुक्केबाज ने संयम बनाए रखा और काउंटर पंचिंग के जरिए जीत हासिल की।

पहले राउंड में बनाई बढ़त

फाइनल की शुरुआत दोनों मुक्केबाजों ने सावधानी के साथ की। परवीन ने दूरी बनाए रखते हुए सही मौके का इंतजार किया और फिर काउंटर पंच के साथ कुछ अच्छे कॉम्बिनेशन लगाए। उन्होंने बॉडी पर भी प्रभावी पंच किए। जजों ने शुरुआती राउंड में परवीन के प्रदर्शन को बेहतर माना और सभी पांचों जजों ने यह राउंड उनके पक्ष में दिया।

दूसरे राउंड में चेन ने की वापसी

दूसरे राउंड में चेन निएन-चिन ने अपनी रणनीति बदली और तेजी से पंच लगाते हुए मुकाबले में वापसी की। परवीन ने अपनी पहुंच और मूवमेंट का इस्तेमाल करके प्रतिद्वंद्वी को दूर रखने की कोशिश की, लेकिन चेन कुछ अच्छे 1-2 कॉम्बिनेशन लगाने में सफल रहीं। सभी पांच जजों ने दूसरा राउंड चेन के पक्ष में 10-9 से दिया। इसके बाद मुकाबला निर्णायक तीसरे राउंड में पहुंच गया।

आखिरी राउंड में परवीन ने किए जवाबी हमले 

तीसरे राउंड में चेन ने आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में कुछ जैब लगाए। परवीन ने दबाव के बावजूद अपना संतुलन नहीं खोया। जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़ा, उन्होंने काउंटर अटैक के जरिए मुकाबले में पकड़ बनाई। अंतिम मिनटों में चेन लगातार आगे बढ़कर पंच लगाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन परवीन ने सही समय पर जवाबी हमले किए। इसी रणनीति ने उन्हें निर्णायक बढ़त दिलाई और जजों ने 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से भारतीय मुक्केबाज को विजेता घोषित किया।

लंबे अंतराल के बाद शानदार वापसी

परवीन हुड्डा के लिए यह स्वर्ण पदक सिर्फ एक और मेडल नहीं है, बल्कि उनके करियर में वापसी का भी बड़ा पड़ाव है। 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में जीता उनका कांस्य पदक बाद में डोपिंग से जुड़े whereabouts उल्लंघन के कारण वापस ले लिया गया था। इस मामले में उन्हें 22 महीने का निलंबन भी झेलना पड़ा था। इस निलंबन के कारण वह पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने की दौड़ से भी बाहर हो गई थीं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी के बाद उन्होंने दोबारा अपनी जगह बनाई और अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीत लिया है।

सेमीफाइनल में चीन की बॉक्सर को हराया था

फाइनल से पहले परवीन ने सेमीफाइनल में चीन की ली शू को हराया था। भारतीय मुक्केबाज ने उस मुकाबले में 5-0 से जीत दर्ज कर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स बॉक्सिंग के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बनी थीं। उनसे पहले एमसी मैरी कॉम 2014 में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं, जबकि लवलीना बोरगोहेन ने पिछले एशियन गेम्स में रजत पदक हासिल किया था।

भारतीय बॉक्सिंग के लिए भी खास दिन

परवीन का स्वर्ण एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है। इसी दिन लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में चीन की बाओ ज़ीई को 5-0 से हराकर गोल्ड जीता। इस तरह भारतीय महिला बॉक्सिंग ने एक ही दिन दो स्वर्ण पदक हासिल किए।